चंडीगढ़ में अब किसी भी अपराधी का बच निकल पाना नामुकिन है। इसके लिए प्रशासन ने बेहद खास जाल बिछा दिया है। तीन हो या रात सब पर होंगी प्रशासन की निगाहें।
दरअसल, चंडीगढ़ में सिटी में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के लिए चौक और राउंड अबाउट पर कैमरे लगवाए जाएंगे। इनके लिए सिटी के 150 अतिव्यस्ततम इलाकों को चिह्नित किया जाएगा।
शहर में लगने वाले सभी कैमरे एचडी रिकॉर्डिंग की सुविधा से लैस होंगे। इसके लिए यूटी प्रशासन द्वारा विस्तृत कार्ययोजना तैयार करके केंद्र सरकार को भेज दी गई है। केंद्र से मंजूरी मिलते ही सिटी में 1000 नाइट विजन के अत्याधुनिक कैमरे लगने का काम शुरू हो जाएगा। यूटी प्रशासन के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को पूरा होने में एक साल का समय लग सकता है।
अभी शहर के कई प्रमुख जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। लेकिन इनकी क्षमता कम होने के चलते ठीक से काम नहीं कर पाते हैं। इसके चलते अपराधी बेखौफ होकर घटनाओं को अंजाम दे देते हैं। पुलिस के अफसर भी मानते हैं कि घरों में चोरी, सड़क पर मारपीट, छेड़छाड़ या फिर दुर्घटना के मामलों को सुलझाने में फुटेज से मदद मिलती है।
शहर में यहां लगेंगे कैमरे
सांकेतिक तस्वीर
नाइट विजन कैमरे शहर के सेक्टर 17 के विभिन्न स्थानों, यूटी प्रशासनिक भवन, डीसी ऑफिस, पीजीआई चौक, पीयू गेट, ट्रिब्यून चौक, सिटी कोतवाली चौक, सभी बस स्टैंड चौक व परिसर, रेलवे स्टेशन, मध्य मार्ग के प्रमुख चौक, इंडस्ट्रियल एरिया, एसएसपी ऑफिस सहित 150 जगहों पर लगवाएं जाएंगे। कैमरा लगाने के साथ ही इनकी निगरानी के लिये कार्य योजना है। फुटेज की मॉनीटरिंग पुलिस कंट्रोल रूम से की जाएगी। यहां से जवान 24 घंटे शहर की निगरानी करेंगे।
घर पहुंच जाएगा चालान
सिटी में नाइट विजन कैमरे लगने से कई फायदे होंगे। एक तो शहर की सुरक्षा पुख्ता हो जाएगी। वहीं सिटी में ई- चालान सुविधा शुरू हो जाएगी। ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों को रोकने के बजाय चालान उनके घर पर पहुंचाने में मदद मिलेगी। अभी तक जो लोग यातायात के नियमों की परवाह किए बिना फर्राटे भरते हुए निकल जाते हैं। कैमरे लग जाने के बाद वह ऐसा नहीं कर पाएंगे। कैमरे के माध्यम से चालान उनके घर तक पहुंच जाएगा।
पूरी डिटेल्स होगी इनके पास मौजूद
शहर में नाइट विजन के अलावा सर्विलांस और पीटीजेड (पेन टिल्ट जूम) कैमरे भी लगवाएं जाएंगे। ये कैमरे ज्यादातर ट्रैफिक लाइट पर होंगे। इन कैमरों की मदद से सिटी के किसी भी एरिया से भाग रही गाड़ी रेड लाइट पर जंप करते ही पकड़ी जाएगी। खास बात यह है कि जंप होते ही गाड़ी की नंबर प्लेट से वाहन नंबर का पता चल जाएगा। नंबर मिलने के बाद वाहन स्वामी की पूरी डिटेल्स सामने आ जाएगी।
आईटीएमएस से संचालित होगा पूरा सिस्टम
इन कैमरों की सहायता से ट्रैफिक जाम की भी जानकारी मिलती रहेगी। समय रहते ट्रैफिक को दूसरे रोड पर डायवर्ट करवा दिया जाएगा। इससे लोगों को जाम में फंसने से निजात मिल जाएगी। कैमरों का पूरा रिकॉर्ड इंटेग्रेटिड कमांड कंट्रोल सेंटर की वीडियो वॉल पर चलता रहेगा।