वहीं बताया जा रहा है कि कस्टम विभाग ने इस खेप के साथ जुड़े सभी दस्तावेजों को दोबारा खंगालना शुरू कर दिया है। तस्करी के मुख्य आरोपी गुरविंदर सिंह की मौत हो गई है। आईसीपी में तैनात कस्टम विभाग के अधिकारियों के उस स्थान को भी सुरक्षित घेरे में ले लिया है, जिस स्थान पर पाकिस्तान से नमक की बोरियों की खेप लेकर ड्राइवर ने अनलोड किया था।
ड्राइवर का नाम व उसका सारा रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। यह ड्राइवर इस खेप से पहले कितनी बार नमक या अन्य समान को आईसीपी में लेकर आया। उसकी सूची भी तैयार की जा रही है। अमर उजाला को मिली जानकारी के अनुसार अमृतसर (देहात) पुलिस व कस्टम विभाग ने सीमावर्ती गांवों में रहने वाले तस्करों की सूची भी साझी की है।
कस्टम विभाग इस मामले में अरेस्ट किए गए श्रीनगर के तारिक एहमद लोन सहित सभी आरोपियों से भी पूछताछ करेगी। कस्टम व पुलिस की ओर से गिरफ्तार सभी आरोपियों की पूछताछ के दस्तावेजों को भी खंगाला जायेगा। कस्टम ने तस्करी के आरोपियों की संपत्ति की जांच के लिए ईडी व आयकर विभाग को पत्र लिखे है।
जानकारी के अनुसार एनआईए रंजीत सिंह उर्फ चीता के सीमावर्ती गावं हवेलियां स्तिथ उसके घर का भी दौरा कर सकती है। कंटीली तार के उस पार किसानों की जमीन जो पाकिस्तानी सीमा के साथ लगती है, वहां की स्थिति का भी आकलन एनआईए करेगी।