राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पंजाब में छापेमारी की। छापेमारी आईएसआईएस के नए मॉडयूल के खिलाफ चल रही जांच से संबंधित है। लुधियाना के मेहरबान एरिया में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मेहरबान स्थित मदनी जामा मस्जिद में दबिश दी। एनआईए ने मस्जिद में तीन महीने से इस्लाम की शिक्षा दे रहे मोहम्मद उवैस (20) को हिरासत में लिया गया। मोहम्मद उवैस रामपुर अमरोहा (यूपी) का रहने वाला है।
उवैस को हिरासत में लेने के बाद सुबह 6 बजे तक उसके कमरे की सर्च चली। एनआईए ने कमरे से मिले सभी दस्तावेजों और मस्जिद में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को कब्जे में ले लिया है। इसके बाद एनआईए टीम उवैस को लेकर दिल्ली रवाना हो गई। इस पूरे प्रकरण को लेकर जिला पुलिस अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।
मस्जिद के प्रधान मोहम्मद जमील अहमद के अनुसार एनआईए टीम लगभग 2.30 बजे मस्जिद पहुंची थी। उन्हें सुबह पांच बजे सूचना मिली, तो वह खुद मौके पर पहुंचे। उन्होंने एनआईए और स्थानीय पुलिस अधिकारियों से पूछा, तो उन्हें कहा गया कि अभी इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी जा सकती। वह मदरसे में रह रहे मोहम्मद उवैस को अपने साथ सीआईए वन स्थित थाने में लेकर जा रहे हैं।
अगर उन्हें कुछ जानकारी न मिली तो 11 बजे उसे छोड़ दिया जाएगा। वरना उन्हें आगे दिल्ली लेकर जाएंगे। उनके अनुसार मोहम्मद उवैस को लगभग तीन महीने पहले मदरसे में रखा गया था। उस समय उसका पूरा रिकॉर्ड लिया गया था। पूरा रिकॉर्ड अधिकारी अपने साथ ले गए हैं। मोहम्मद जमील अहमद ने कहा कि अगर उवैस किसी मामले में आरोपी है, तो उसे सजा जरूर मिलनी चाहिए। अगर वह निर्दोष है तो उसे छोड़ देना चाहिए। वह इस जांच हर सहयोग करने के लिए तैयार हैं।
एनआईए की टीम तो आई थी और अपनी कार्रवाई करने के बाद लौट गई है। टीम ने क्या कार्रवाई की है, इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
डॉ. सुखचैन सिंह गिल, पुलिस कमिश्नर, लुधियाना