नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार को हरमीत सिंह पीएचडी समेत 10 लोगों के खिलाफ मोहाली स्थित एनआईए की विशेष अदालत में केएलएफ व नार्को आतंकी केस में चार्जशीट दाखिल की। चार्जशीट में दुबई संबंधित ड्रग तस्कर जसमीत सिंह हाकिमजादा व पीएचडी को प्रमुख आरोपी बताया गया है। हालांकि कहा जाता है कि इस साल जनवरी में पाकिस्तान में लाहौर के पास पीएचडी की हत्या कर दी गई थी। वह खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) का स्वयंभू था। वहीं, पाकिस्तान से वह अपनी गतिविधियां चला रहा था।
एजेंसी ने हरमीत सिंह पीएचडी, जसमीत सिंह हाकिमजादा, जसबीर सिंह समरा, हरप्रीत सिंह हैप्पी, वरिंदर सिंह चहल, निर्मल सिंह उर्फ नीलाधारी, हरजीत सिंह उर्फ बग्गा और जसबीर सिंह उर्फ शेरा, सतपाल सिंह और हीरालाल के खिलाफ पर अनलॉफुल एक्टिविटी व नार्कोटिक ड्रग्स और एनडीपीएस अधिनियम के तहत चार्जशीट दाखिल की है। एजेंसी तरफ से फाइल की चार्जशीट में बताया गया है पीएचडी व हाकिमजादा नार्को आतंकी नेटवर्क के माध्यम से आतंकी गतिविधियां चला रहे थे।
एजेंसी ने बताया है कि हाकिमजादा दुबई बेस्ड नशा तस्कर व मनी लॉन्डरिंग का काम करता है। आरोपियों का जबरदस्त नेटवर्क था। नशीले पदार्थों की तस्करी और आतंकी गतिविधियां हवाला के पैसे से की जाती थीं। इनका नेटवर्क पंजाब, दिल्ली, दुबई और पाकिस्तान में है। पीएचडी और हाकिमजादा के इशारे पर सारा काम होता था। एनआईए ने यह केस 500 ग्राम हेरोइन व 1.20 लाख रुपये के संबंध में 31 मई 2019 में दर्ज किया था। जब इसकी जांच की गई तो इसमें कई खुलासे हुए थे।
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