जालंधर के मकसूदा पुलिस थाने में हुए आतंकी हमले की जांच कर रही एनआईए ने सोमवार को मोहाली में विशेष अदालत में चार्जशीट दायर कर दी। गतवर्ष 14 सितंबर 2018 मकसूदां पुलिस थाने पर यह हमला हुआ था। चार्जशीट में कहा गया है कि हमले के दोनों आरोपी कश्मीर के आतंकी संगठन अंसार गजवा-तुल-हिंद के सदस्य थे।
फाजिल बशीर पिंकू और शाहिद कयूम के खिलाफ चार्जशीट दायर की है। फाजिल बशीर पिंकू और शाहिद कयूम को नवंबर 2018 में गिरफ्तार किया गया था। जांच में पता चला कि 14 सितंबर 2018 को आरोपियों ने रूफ अहमद मीर और उमर रमजान उर्फ गाजी के साथ मिलकर मकसूदां थाने पर हमला किया था।
पंजाब में कानून-व्यवस्था को अस्थिर करने और भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश के इरादे से यह हमला किया गया था। फाजिल बशीर पिंकू और शाहिद कयूम जालंधर के एक कॉलेज में पढ़ाई करते थे। रूफ अहमद मीर और उमर रमजान दोनों निवासी अवंतीपोरा 13 सितंबर 2018 को अवंतीपोरा से जालंधर हमला करने के लिए आए थे।
जांच में यह भी पता चला कि फाजिल बशीर पिंकू, शाहिद कयूम, रूफ अहमद मीर, और उमर रमजान उर्फ गाजी ने मकसूदां पुलिस स्टेशन को अमीर नजीर मीर और रसीद अहमद मीर, दोनों निवासी गांव डडसरा, पीएस अवंतीपोरा के साथ निशाना बनाया था।
अंसार गजवा-तुल-हिंद संगठन के सरगना जाकिर राशिद भट उर्फ जाकिर मूसा की अगुवाई में पूरे देश में सुरक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की साजिश रची थी।
इस साजिश के तहत फाजिल बशीर और शाहिद कयूम ने 9 सितंबर को जालंधर के वेरका प्लांट के पास आतंकी संगठन के एक अज्ञात सदस्य से 4 हैंड ग्रेनेड एकत्र किए। उसके बाद 13 सितंबर को रूफ अहमद मीर और उमर रमजान ने कश्मीर से चंडीगढ़ हवाई जहाज के जरिए पहुंचे। जहां से वह सड़क के रास्ते जालंधर गए।
इसके बाद हमलावरों द्वारा संभावित ठिकानों का चयन किया गया और लक्ष्य के रूप में मकसूदां थाने की इमारत को अपना निशाना बनाया। हमला करने के बाद चारों अलग अलग जत्थे में कश्मीर के लिए रवाना हो गए। इस मामले में तीन आरोपी रूफ अहमद मीर, उमर रमजान और रसिक अहमद मीर पिछले साल 22 दिसंबर को सुरक्षा बलों के बीच हुई मुठभेड़ के दौरान मारे जा चुके है।