पंजाब-चंडीगढ़ और हरियाणा और हिमाचल में आतंकी गतिविधियों और मानव तस्करी पर नजर रखने के लिए एनआईए चंडीगढ़ में अपना केंद्र खोलेगी। सेक्टर-51 में शुक्रवार सुबह 11 बजे एनआईए डायरेक्टर जनरल आईपीएस योगेश चंद्र मोदी इसका उद्घाटन करेंगे।
आतंकवाद के हिसाब से पंजाब संवेदनशील राज्यों में माना जाता है। पाकिस्तान की सीमा के साथ लगने के कारण आतंकियों की नजर भी सूबे पर रहती है। इसका जीता जागता उदाहरण पठानकोट एयरबेस पर हुआ आतंकी हमला है। कई आतंकी गतिविधियां भी पंजाब-हरियाणा और चंडीगढ़ में आतंकवाद के समय में होती रही हैं। वहीं, मानवी तस्करी के लिए लिहाज से भी यह क्षेत्र संवेदनशील है।
इसके अलावा सेना की वेस्टर्न कमांड का मुख्यालय भी चंडीगढ़ में है। पूर्व में कई आईएसआई एजेंट भी आस-पास के क्षेत्रों से पकड़े जाते रहे हैं। इनके पास से पुलिस को सेना की जानकारी से संबंधित दस्तावेज भी मिले हैं। मालूम हो कि कुछ वर्ष पहले अंबाला में रेलवे स्टेशन से पुलिस ने आरडीएक्स की बड़ी खेप बरामद की थी। इन सभी पहलुओं को देखते हुए एनआईए की नजर अब आतंकवाद और उनके ठिकानों पर रहेगी।
यह यूनिट जम्मू से चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल समेत अन्य राज्यों की गतिविधियों पर नजर रखती थी लेकिन अब इसका सेंटर सेक्टर-51 स्थित कम्युनिटी सेंटर के पास बनाया गया है। चंडीगढ़ में एनआईए यूनिट बनाने की खास वजह यह भी यह है कि हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ और हिमाचल में आतंकी गतिविधियां ज्यादा सामने आ रही थीं।
-जयराज बाजिया, डीएसपी, एनआईए
चंडीगढ़ पुलिस भी रखती है नजर
वर्तमान में चंडीगढ़ पुलिस की ऑपरेशन सेल आतंकी गतिविधियां पर नजर रखती है लेकिन अब एनआईए का कार्यालय खुलने के बाद चंडीगढ़ पुलिस की क्या भूमिका होगी, यह भी देखना होगा। इसके अलावा पुलिस विभाग की ओर से एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग विंग भी है, जो मानव तस्करी पर नजर रखती है।