पंजाब पुलिस के खुफिया मुख्यालय पर रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड (आरपीजी) हमले समेत कई बड़ी आतंकी वारदात में शामिल लखबीर सिंह संधू उर्फ लंडा की प्रॉपर्टी कुर्क की गई है। एसपी तेजिंदर सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की स्पेशल अदालत ने आरसी-37 में आरोपी की तरनतारन के गांव किरियन स्थित संपत्ति को कुर्क करने का आदेश दिया था। अब वहां बोर्ड लगा दिया गया है। अब इस संपत्ति की खरीद-फरोख्त नहीं हो पाएगी। 27 जुलाई को उसे भगोड़ा घोषित किया गया था।
33 वर्षीय लखबीर सिंह उर्फ लंडा पहले एक गैंगस्टर था। वह मूलरूप से तरनतारन जिले के हरिके का रहने वाला है। 2017 से वह कनाडा में है। उस पर हत्या, हत्या के प्रयास, जबरन वसूली, नशीली दवाओं की तस्करी, अपहरण और अवैध हथियारों के विभिन्न आपराधिक मामले दर्ज थे लेकिन साल 2022 में पंजाब पुलिस के खुफिया मुख्यालय और तरनतारन के सहराली थाने पर आरपीजी हमले का वह मास्टरमाइंड निकला था। लंडा के खिलाफ जांच के बाद 22 जुलाई 2023 को एनआईए ने आरोप पत्र दायर किया था।
इसमें पंजाब पुलिस के एसआई दिलबाग की हत्या की साजिश रचने का मामला भी शामिल है। साथ ही वह कनाडा में भारत विरोधी गतिविधियों में भी सक्रिय रहा है। लखबीर बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के लिए भी काम करता है। वहीं, पाकिस्तान में बैठा आतंकी हरविंदर सिंह संधू उर्फ रिंदा से भी उसके संपर्क है। एनआईए की जांच में लंडा समेत विदेश में छिपे अन्य खालिस्तान समर्थक हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक और नशीली दवाओं की तस्करी में शामिल मिले। वहीं, वे भारत में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने में भी शामिल हैं।