-आरोपी के बैंक खाते में पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से डलवाए गए थे पैसे
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। एनआईए ने अटारी ड्रग्स में एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। इस ड्रग्स केस में एनआईए में सातवें मुख्य आरोपी को उत्तर प्रदेश के शामली से दबोचा है। एनआईए की जांच में सामने आया है कि आरोपी तहसीम इस ड्रग्स की खेत से कुछ हिस्सा बरामद कर देश के अलग-अलग राज्यों में ड्रग्स माफिया तक पहुंचाने के लिए काम कर रहा था।
बता दें एनआईए ने अटारी बॉर्डर से लगभग 102.784 किलोग्राम हेरोइन (मादक पदार्थ) जब्त की थी। अप्रैल 2022 में इंडियन कस्टम डिपार्टमेंट ने ड्रग्स की इस खेप को पकड़ा था। यह ड्रग्स की कंसाइनमेंट अफगानिस्तान से अमृतसर के अटारी बॉर्डर से होते हुए देश में अलग-अलग राज्यों के ड्रग्स माफिया तक पहुंचाई जानी थी।
एनआईए की जांच में सामने आया है कि इस केस में पकड़े गए सातवें आरोपी तहसील उर्फ मोटा के बैंक खाते में पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से पैसे भेजे गए थे। इन पैसों से आरोपी ड्रग्स की मोटी खेप को बरामद कर पंजाब व अन्य राज्यों तक पहुंचाने वाला था। एनआईए की जांच से पता चला है कि तहसीम के बैंक खाते में जो पैसे आये थे, वह ड्रग्स की बिक्री से प्राप्त पैसे थे, जो भारत में विभिन्न ड्रग्स माफियों को ड्रग्स पहुंचाने के लिए लिए गए थे।
चार के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है
बता दे एनआईए ने 16 दिसंबर 2022 को मामले में चार लोगों को शाहिद अहमद उर्फ काजी अब्दुल वदूद, नजीर अहमद कानी, रजी हैदर जैदी और विपिन मित्तल के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। शाहिद अहमद उर्फ काजी अब्दुल वदूद और नजीर अहमद कानी फिलहाल फरार हैं। मामले में रजी हैदर और विपिन मित्तल को पहले ही गिरफ्तार किया गया था, उसके बाद एक अन्य आरोपी अमृतपाल सिंह की गिरफ्तारी हुई, जिसे 15 दिसंबर, 2023 को देश से भागने की कोशिश करते समय पकड़ा गया था। अमृतपाल सिंह से 1.34 करोड़ रुपये की ड्रग्स मनी बरामद की गई थी। एनआईए मामले की आगे की जांच कर रही है।