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बड़ा खुलासा: जो खुद दसवीं में हुए फेल, पढ़ा रहे हैं बच्चों को

Thu, 04 Jan 2018 09:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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Punjab Primary Schools - फोटो : File Photo
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एनजीओ सोशल रिफॉर्मर्स ने आरटीआई से प्राप्त जानकारी के आधार पर खुलासा किया है कि पंजाब में जो टीचर आज बच्चों को पढ़ा रहे हैं, वे खुद दसवीं में मैथ और साइंस में फेल हुए थे। 2017 में बोर्ड परीक्षाओं के दौरान सबसे खराब रिजल्ट इन्हीं विषयों का रहा था।
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संस्था के उप प्रधान हरप्रीत संधू ने आरटीआई के तहत पिछले दस सालों में नियुक्त टीचरों की जानकारी मांगी थी। अब तक उन्हें बीस प्रतिशत जानकारी मिली है, जिसमें दस जिलों के विभिन्न ब्लॉकों का ब्योरा है।

इसके मुताबिक 313 टीचर ऐसे हैं जो मैथ, साइंस, अंग्रेजी, सोशल साइंस और हिंदी में अपनी दसवीं कक्षा में पास नहीं हो सके थे। तरनतारन में टीचरों को अंग्रेजी में एक, चार, मैथ में नौ अंक मिले हैं। तरनतारन में ऐसे 36, मोगा में 59, मुक्तसर में 50, फाजिल्का में 31, फिरोजपुर में 46, होशियारपुर में 45 टीचर हैं जो प्रमुख विषयों में दसवीं कक्षा में पास नहीं हो सके थे।
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इस बार सबसे ज्यादा खराब रिजल्ट इन्हीं विषयों का रहा था

- फोटो : File Photo
लुधियाना के दोराहा ब्लॉक में 19, पठानकोट में 18, नवांशहर के बंगा ब्लॉक में पांच टीचर दसवीं में फेल हुए थे। संधू ने कहा कि कई जगह गुमराह भी किया जा रहा है। संगरूर के जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि जिले में ऐसा कोई टीचर नहीं, पर मलेरकोटला में बताया गया कि तीन टीचर हैं।

आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता हरजोत बैंस ने कहा कि इससे साफ है कि पंजाब के स्कूलों का नतीजा क्यों लगातार गिर रहा है। पिछले साल एक लाख बच्चे मैथ और 70 हजार अंग्रेजी में फेल हुए थे। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच की मांग केलिए वह हाईकोर्ट की शरण लेंगे।
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