भाजपा की लोकसभा चुनाव में विशाल जीत ने शहर में कांग्रेस के 15 साल पुराने किले को ढहा दिया। इस जीत के साथ ही नगर निगम में भी भाजपा का जनाधार बढ़ गया है। किरण खेर के सांसद बनने के बाद नगर निगम में भाजपा के कुल 13 सदस्य हो गए हैं जबकि कांग्रेस के 12 ही रह गए हैं।
अभी तक पवन कुमार बंसल को मिलाकर कांग्रेस का जनाधार अधिक था। वहीं दूसरी ओर यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि अब अगला मेयर भाजपा का हो सकता है।
भाजपा नेताओं का कहना है कि जब बंसल के रहते इस साल सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर की कुर्सी भाजपा ने हथिया ली, अगली बार तो मेयर की कुर्सी पर भी उनका ही कब्जा होगा। बता दें कि पिछले 7 सालों से कांग्रेस पार्टी ही मेयर चुनती रही है।
नगर निगम में 26 पार्षदों व 9 मनोनीत पार्षदों के अलावा 1 सीट शहर के सांसद की भी होती है। ये लोग ही मतदान कर मेयर चुनते हैं। अब निगम सदन में कांग्रेस के पास 12 सदस्य ही रह गए हैं।
वहीं दूसरी ओर भाजपा-शिअद गठबंधन के पास पहले 11 पार्षद थे। अभी हाल ही में निर्दलीय पार्षद गुरचरण दास काला के भाजपा में शामिल होने के बाद निगम में भाजपा पार्षदों की संख्या 12 पहुंच गई।
अब लोकसभा सीट जीतने के बाद सांसद भी भाजपा का ही होगा। इस हिसाब से निगम सदन में भाजपा का जनाधार 13 हो गया है।
इस जीत ने नगर निगम में हमारा जनाधार तो बढ़ाया ही है, साथ ही निगम सदन में भी हम मजबूत हुए हैं। इस बार सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर हमारे बने हैं, अगली बार मेयर समेत तीनों सीटें हमारी होंगी।
- अरुण सूद, भाजपा पार्षद
अब तो नगर निगम में भी हम और मजबूत हो गए हैं। काला के पार्टी में आने से हमें जो मजबूती मिली थी खेर के आने के बाद वो अब दोगुनी हो गई है। अब तो अगली बार मेयर भी हम ही बनाएंगे।
- सौरभ जोशी, भाजपा पार्षद