उल्लेखनीय है कि अर्जुन अवार्ड हरमनप्रीत कौर की बीए की डिग्री का रिकॉर्ड न मिलने के बाद पंजाब सरकार ने उन्हें डीएसपी के पद से हटाने और उसकी मौजूदा शैक्षिक योग्यता के अनुसार कांस्टेबल का पद देने की पेशकश की थी। लेकिन सरकार की इस पेशकश को हरमनप्रीत कौर के पिता ने ठुकरा दिया था। उन्होंने कहा था कि इसी डिग्री के सहारे हरमनप्रीत को रेलवे ने नौकरी पर रखा था।
हरमनप्रीत ने पंजाब पुलिस में डीएसपी का पद पाने के लिए रेलवे की नौकरी छोड़ दी थी। ऐसी ही स्थिति अंतरराष्ट्रीय एथलीट मनदीप कौर की है। मनदीप को पंजाब सरकार ने इसलिए डीएसपी पद से हटा दिया था क्योंकि सरकार का कहना था कि वे ग्रेजुएट नहीं हैं। उन्होंने नियुक्ति पत्र लेते समय ग्रेजुएट न होने की बात स्पष्ट नहीं की थी। तब सरकार का कहना था कि खेल कोटे से डीएसपी पद पर नियुक्ति के लिए खिलाड़ी का ग्रेजुएट होना अनिवार्य है।
गोल्डन गर्ल के नाम से प्रसिद्ध एथलीट मनदीप कौर तीन बार एशियन गेम्स के अलावा 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। 2016 में अकाली-भाजपा सरकार ने मनदीप समेत नौ खिलाड़ियों को पंजाब में डीएसपी नियुक्त किया था।