अब गंभीर नवजातों को पीजीआई, जीएमसीएच 32 व प्राइवेट हास्पिटल के अलावा गवर्नमेंट मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल (जीएमएएसएच-16) में भी मिल सकेगा। चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग और सामाजिक संस्था नन्हीं जान के प्रयास से गवर्नमेंट मल्टी स्पेशियलिटी हास्पिटल (जीएमएएसएच-16) में नियोनेटल इन्टेंसिव केयर यूनिट (नीकू) स्थापित की गई है।
यह यूनिट नवजात बच्चों के केयर के लिए काम आती है। खासकर प्रीमिच्योर बच्चों के लिए। नीकू का प्राइवेट हास्पिटलों में एक दिन का किराया आठ से दस हजार रुपये महीना है। यह किराया इतना ज्यादा है कि आम और मध्य वर्गीय लोगों की जान निकल जाती है।
दूसरी तरफ पीजीआई व जीएमसीएच 32 के नीकू वार्ड हर वक्त फुल रहते हैं। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर पेरेंट्स के लिए नीकू के खर्च को वहन कर पाना आसान नहीं होता। वीरवार को नीकू का उद्घाटन होम सेक्रेटरी अनुराग अग्रवाल ने किया।
इस मौके पर उन्होंने जीएमएसएच 16 के डाक्टरों व नन्हीं जान के पदाधिकारियों को बधाई दी। डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेस डा. वीके गगनेजा ने बताया कि नीकू स्थापित हो जाने से जीएमएसएच 16 में पीडियाट्रिक का इलाज टर्शरी केयर यूनिट के बराबर हो गया है।
हमारी कोशिश एक और वेंटीलेटर लाने की है, ताकि ज्यादा से ज्यादा से लोगों को फायदा पहुंच सके। इस सुविधा के अलावा हास्पिटल में ईएनटी की ओपीडी में आडियोमीटरी इक्यूपमेंट सिस्टम लगाया गया है, जो कई बीमारियों के डाइग्नोज करने में लाभदायक रहेगा।
इसके अलावा फिजियोथैरेपी डिपार्टमेंट में लेजर मशीन स्थापित की गई है। यह मशीन सर्जरी व फ्रेक्चर के बाद होने वाले दर्द को भगाने में लाभदायक होता है। इस मौके पर डॉ. जीएस दीवान व नन्हीं जान संस्था के सदस्य मौजूद रहे।