अब नवजात बच्चों की सेक्टर-6 स्थित जनरल हॉस्पिटल में भी स्क्रीनिंग हो सकेगी।
जनरल अस्पताल में पायलट प्रोजेक्ट के तहत डीईआईसी (डिस्ट्रिक अर्ली इंटरवेंशन सेंटर) की शुरुआत की गई है, जहां यह सुविधा मुहैया कराई जाएगी। इस सेंटर का उद्घाटन सेंहरियाणा स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव नवराज संधू ने किया।
डीईआईसी सेंटर में सुनने, देखने, तंत्रिकाओं से संबंधित व व्यावहारिक जांच की जाएगी। इस सेंटर में समय से पहले जन्मेे कम वजन के बच्चे, किसी विकार से पीड़ित बच्चों की देखरेख भी की जाएगी।
डीईआईसी सेंटर में तैनात बच्चों के डाक्टर और चिकित्सा अधिकारी जिला अस्पताल में सभी नवजात शिशुओं, एसएनसीयू में भर्ती बच्चों, पोस्टनेटल और चिल्ड्रन वार्ड में मौजूद नवजात शिशुओं की जांच करेंगे।
इसके अलावा बच्चे को अस्पताल से डिसचार्ज करने से पहले इस बात की पुष्टि की जाएगी कि बच्चा देख सकता है, सुन सकता है और उसकी तंत्रिकाएं सही तरीके से काम कर रही हैं।
36 बीमारियों की हो सकेगी जांच
डिस्ट्रिक अर्ली इंटरवेंशन सेंटर में बच्चों में होने वाले 36 बीमारियों की जांच की जा सकेगी। बच्चों के इलाज के लिए जीएमसीएच-32 के साथ अनुबंध किया गया है।
इसमें सबसे पहले नवजात बच्चों के एड़ी से एक बूंद खून लिया जाएगा और उसे जीएमसीएच में जांच के लिए भेजा जाएगा।
स्क्रिीनिंग के प्रारंभिक स्टेज में ये सुविधाएं
कॉनजेनाइटल हाईपोथाईरोइडिजम
कॉनजेनाईटल एडरिनल हाईपरप्लेशिया
ग्लूकोज-6 फॉसफेट डी हाइड्रोजिनेसिस डेफिशिएंसी
फिनाइल किटोनूरिया
गॉल एंड बायो टेनीज
एंबुलेंस में गूंजेगी किलकारी
मंगलवार को नवराज संधू ने किलकारी एंबुलेंस को झंडी दिखाकर रवाना किया। इस एंबुलेंस का कार्य प्रसव उपरांत जच्चा-बच्चा को उनके घर स्वस्थ पहुंचाना है।
इस एंबुलेंस सेवा के तहत हर जिला मुख्यालय में दो एंबुलेंस मुहैया करवाई जाएंगी।
मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना की वेबसाइट लांच
अस्पताल में मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना की वेबसाइट भी लांच की गई। इस वेबसाइट पर योजना के तहत दी जा रही नि:शुल्क दवाओं व सुविधाओं की जानकारी दी जाएंगी।
इलाज के दौरान किसी प्रकार की दिक्कत के बारे में भी इस वेबसाइट पर शिकायत दी जा सकती है।
स्टैंडर्ड ट्रीटमेंड गाइडलाइन का विमोचन
स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रकाशित स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट गाइडलाइन पुस्तक का भी विमोचन किया गया। इससे डाक्टरों को इलाज के दौरान आसानी होगी।
इस मौके पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक डा. राकेश गुप्ता, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन रविकांत, सिविल सर्जन डा. वीके बंसल, पीएमओ उषा गुप्ता, सहित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संबंधित अधिकारी भी उपस्थित थे।