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घटना के बाद सहमा अरशद बोला- नहीं भूल पा रहा हूं हत्या का वह मंजर

Tue, 03 Jan 2017 12:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
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PKL Murder - फोटो : अमर उजाला
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किसे पता था कि नए साल का जश्न मातम में बदल जाएगा। मेरे सबसे अजीज दोस्त और छोटे भाई की आंखों के सामने हत्या कर दी गई। यह कहना है पंचकूला के सेक्टर-6 के सर्जरी वार्ड में दाखिल अरशद खान का। एक जनवरी की रात जो हत्यारों ने किया वह तांडव अरशद भूल नहीं पा रहा है। उस रात का वाकया बार बार उसकी आंखों के सामने आता है और अस्पताल में वह चीखने लगता है। इस घटना से अरशद इतना सहमा हुआ है कि रात को कई बार वह घबराकर उठ जाता है। अरशद के साथ वार्ड में मौजूद घर वाले बताते हैं कि वह इस हादसे के बाद काफी डरा हुआ है।
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फिल्म देखने निकले थे
घर से बद्दी फिल्म देखने के लिए दीपक (दीपू) और अरशद निकले थे। लेकिन फिल्म का टिकट नहीं मिला। उसके बाद वह घर लौटने लगे थे। बीच रास्ते में दीपक ने अरशद से कहा कि मुझे जींस लेनी है। जींस दिला दो। अरशद ने बताया कि दीपक जिद करने लगा कि चलो पंचकूला चलते हैं, वहां से कपड़े भी खरीद लेंगे और नए साल भी सेलिब्रेट हो जाएगा। अरशद अपने भाई जैसे दोस्त की जिद कैसे टालता।

वह अपने कुछ दोस्तों के साथ दीपक को लेकर पंचकूला आया। अरशद ने बताया कि वह घर से शाम करीब साढे़ आठ बजे निकले और पंचकूला में करीब साढे़ नौ बजे एंटर हुए। दुकान बंद होने से वह कपड़े तो नहीं ले पाए। लेकिन नया साल मनाने के लिए वह पंचकूला के सेक्टर-5 के हाई डिन रेस्टोरेंट पहुंचे। घर के लिए निकलते समय उसकी पार्किंग में चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। 
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दो माह पहले सर्विस सेंटर में मिला काम  

दीपक के हत्यारों का नहीं मिला कोई सुराग - फोटो : अमर उजाला
दो माह पहले सर्विस सेंटर में मिला काम  
अरशद ने बताया कि दीपक गुरुग्राम की एक  प्राइवेट कंपनी में जॉब करता था। लेकिन दो माह पहले ही जॉब छोड़कर घर चला आया। उसके पास काम नहीं था तो उसे सर्विस सेंटर में अपने पास ही रख लिया। अरशद का कहना है कि दीपक काम के प्रति ईमानदार था। जिस दिन पंचकूला नए साल का जश्न पर आए थे, उस दिन भी दीपक ने सर्विस सेंटर का पूरा काम निपटाने के बाद ही वहां से निकला। हम दोनों सिर्फ सोने के लिए घर जाते थे नहीं तो हम दोनों का पूरा समय साथ में ही बीतता था। 

बहस में कब चाकू मार दिया पता ही नहीं चला 
1 जनवरी को नए साल की जश्न की रात पार्किंग एरिया में कब पीछे से चाकू मार दिया पता ही नहीं चला। अरशद ने बताया कि पार्टी के बाद वह और दीपक अपने दोस्तों के साथ घर लौटने के लिए पार्किंग में गाड़ी लेने आए। उसने बताया कि दोस्तों ने पार्किंग एरिया से थोड़ी दूर पर गाड़ी पार्क की थी। वह गाड़ी लेने चले गए। वह और दीपक एक साथ रुक गए। इस बीच कुछ लोग गाड़ी के आगे आने की वजह से एक युवक को पीट रहे थे। बचाव के लिए वह युवक अरशद और दीपक की तरफ भागा और उनके पास आकर रुक गया दीपक ने सिर्फ पीटने का कारण पूछा तो वह समझ बैठे की जिसकी वह पिटाई कर रहे थे, वह दीपक का साथी है। वह उसे छोड़ दीपक पर टूट पड़े और उसकी हत्या कर दी।  

इमरजेंसी में डॉक्टरों ने कहा तुम्हें भी चाकू लगा है 
अरशद दीपक के खून को देखकर इतना घबरा गया था कि उसे यह पता नहीं चल पाया कि उसे भी चाकू लगी है। जब इमरजेंसी में डॉक्टरों ने दीपक को मृत घोषित कर दिया तो उसके बाद अरशद बिल्कुल घबरा गया। दोस्त और छोटे भाई के सदमे की वजह से उसे अपना जख्म दिखाई नहीं दिया। खून देख मौके पर मौजृूद दोस्तों और डॉक्टरों उसे बताया कि उस पर भी चाकू से वार किया गया है। फिर उसके बाद अरशद का इलाज शुरू हुआ। तब से अब तक अरशद सदमे में है।
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