सेक्टर 17 में अस्थायी सब्जी मंडी के बाहर लगी वाहनों की लाइन।
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चंडीगढ़। आईएसबीटी 17 में बनाई गई अस्थायी सब्जी मंडी में कारोबार पटरी पर नहीं आ पा रहा है। खरीदारों की कमी होने के कारण कई आढ़ती खाली बैठे हुए हैं। मंडी शिफ्ट हुए तीन दिन बीतने के बाद भी कारोबार में बढ़ोतरी नहीं होने के कारण आढ़तियों को चिंता होने लगी है। आढ़तियों ने मार्केट कमेटी से मंडी में कारोबार को बढ़ावा देने के लिए वेंडरों के पासों की संख्या बढ़ाने की मांग की है।
बीते सोमवार को साप्ताहिक बंदी की दिन सेक्टर-17 आईएसबीटी में अस्थायी सब्जी मंडी शिफ्ट की गई है। यूटी प्रशासन ने मंडी शिफ्टिंग का यह निर्णय सेक्टर-26 में बढ़ते कोरोना संक्रमण को लेकर लिया था। मंडी शिफ्ट हुए तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन नई मंडी में आढ़तियों का कारोबार रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। सेक्टर-26 मंडी में होने वाले व्यापार के अनुपात में नई मंडी में 80 प्रतिशत गिरावट आई है। इसे लेकर आढ़तियों में चिंता है। कुछ आढ़तियों ने बुधवार को मार्केट कमेटी के अधिकारियों से वेंडरों के पासों की संख्या बढ़ाने की मांग की है।
नगर निगम ने 587 वेंडरों के बनाए पास
सेक्टरों और सील हुई कालोनियों में सीटीयू की बसों से सब्जियों और अन्य जरूरी सामान की सप्लाई करने के लिए निगम की ओर से 587 वेंडरों के पास बनाए हैं। इसके अतिरिक्त आढ़तियों के यहां कार्य करने वाले स्टाफ और कुछ पल्लेदारों के पास मार्केट कमेटी की ओर से जारी किए गए हैं, जिनकी संख्या सेक्टर-26 के मुकाबले काफी कम है। कुछ आढ़तियों का कहना है कि पासों की संख्या कम होने के कारण भी कारोबार पर विपरीत प्रभाव पड़ा है।
नहीं हो रही फुटकर बिक्री
सोशल डिस्टेंसिंग बनी रहे इसके कारण यूटी प्रशासन ने नई अस्थायी सब्जी मंडी में फुटकर बिक्री पर रोक लगाई हुई है। इसके कारण आम आदमी मंडी में प्रवेश नहीं कर रहा है। इससे भी मंडी के कारोबार पर विपरीत प्रभाव पड़ा है। मार्केट कमेटी के अधिकारियों का कहना है कि हालात सही होते ही मंडी में फुटकर बिक्री शुरू की जाएगी।
आढ़तियों के साथ किसान को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसान देश की रीढ़ हैं। यदि जल्द ही मार्केट कमेटी ने पास की संख्या बढ़ाने को निर्णय नहीं लिया तो फल, सब्जी और अन्य खाने की सामानों के रेट में और कमी आएगी।
- बृजमोहन, सदस्य, पांच सदस्यीय कमेटी