एडवाइजर परिमल राय ने वन महोत्सव के पौधमेले का उद्घाटन किया।
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पर्यावरण विभाग की इनोवेशन से शहरवासियों को नया टूरिस्ट स्पॉट मिल गया है। कांसल से निकल रहे सीवरेज के पानी को नेचुरल बायो-मैकेनिज्म मैथर्ड से ट्रीट कर सुखना लेक के पीछे वॉटर बाडी बनाई गई है। उसमें एक हट भी है।
चारों तरफ हरियाली है। यहां पर आकर लोग घूम सकते हैं और इस लोकेशन का लुत्फ उठा सकते हैं। यहां पर जाने के लिए लोगों को लेक के साथ बने गुरुद्वारे वाले रोड गुजरना होगा। वन महोत्सव के तहत शुक्रवार को पौधमेले के शुभारंभ पर वन विभाग के चीफ कंजरवेटर संतोष कुमार ने नए टूरिस्ट स्पॉट के बारे में एडवाइजर परिमल राय को विस्तार से जानकारी दी।
सुखना में नहीं आएगा सीवरेज का पानी
वॉटर बाडी का फायदा यह हुआ कि कांसल से सुखना में आ रहा सीवरेज का पानी रुक जाएगा। सुखना और स्वच्छ होगी। इस प्रोजेक्ट को नगर वन उद्यान स्कीम के तहत तैयार किया गया है।
पौधमेले का शुभारंभ
एडवाइजर परिमल राय ने वन महोत्सव के पौधमेले का उद्घाटन किया। इस दौरान सुखना लेक क्लब के पास फॉरेस्ट डिपार्टमेंट, नगर निगम के हार्टीकल्चर विंग और इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के तीन स्टाल लगाए गए थे। फॉरेस्ट डिपार्टमेंट ने अपने स्टाल पर से मुफ्त में पौधे बांटे, जबकि अन्य दोनों डिपार्टमेंट ने बहुत कम रेट में पौधे दिए। इस मौके पर चीफ गेस्ट एडवाइजर परिमल राय ने सभी से वन महोत्सव से जुड़ने की अपील की।
चीफ कंजरवेटर संतोष कुमार ने बताया कि ग्रीनिंग चंडीगढ़ एक्शन प्लान के तहत शहर में दो लाख 20 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से करीब पचास हजार पौधे फॉरेस्ट डिपार्टमेंट लोगों को मुफ्त में बांटेगा। इस मौके पर टूरिज्म डिपार्टमेंट के डायरेक्टर जितेंद्र यादव, आईएफएस बीरेंद्र चौधरी, आईएफएस अर्पणा सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।