पंजाब में एसआईटीयू यूनिट का उद्घाटन
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पंजाब में बढ़ते ड्रग्स कारोबार और तस्करी के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। पंजाब पुलिस ने ड्रग्स तस्करी से जुड़े हर नेटवर्क को तोड़ने के लिए नई एसटीएफ गठित की है। यह स्पेशल टास्क फोर्स अब नए तौर-तरीकों से ड्रग्स पर अपना शिकंजा कसेगी। इस नई एसटीएफ का नाम स्पेशल टास्क फोर्स इंटेलिजेंस एंड टेक्निकल यूनिट (एसआईटीयू) नाम दिया है।
पंजाब डीजीपी गौरव यादव ने मंगलवार को एसआईटीयू यूनिट का उद्घाटन किया। इस दौरान स्पेशल डीजीपी एसटीएफ कुलदीप सिंह और एडीजीपी एसटीएफ नीलाभ किशोर मौजूद रहे।
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि सीएम भगवंत मान ने पुलिस को प्रदेश में ड्रग्स के हर नेटवर्क और तस्करों पर अपना शिकंजा कसने के लिए अलग यूनिट तैयार करने के लिए कहा था। यह यूनिट ड्रग्स तस्करों के नेटवर्क और प्रदेश में ड्रग्स की बढ़ती सप्लाई को जड़ से नष्ट करने के लिए खुफिया जानकारी जुटाने का काम करेगी। यह जानकारी आगे पंजाब पुलिस की अलग-अलग जांच एजेंसी जैसे पंजाब पुलिस, एसटीएफ और एजीटीएफ के साथ साझा कर ऑपरेशन चलाएगी।
ड्रग्स पर शिकंजा कसने के लिए ऐसे काम करेगी एसआईटीयू
स्पेशल टास्क फोर्स इंटेलिजेंस एंड टेक्निकल यूनिट के उद्घाटन के दौरान स्पेशल डीजीपी एसटीएफ कुलदीप सिंह और एडीजीपी एसटीएफ नीलाभ किशोर ने बताया कि एसआईटीयू पुलिस इंटेलिजेंस और टेक्निकल यूनिट का प्रयोग करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफार्म जैसे व्हाट्सएप, एक्स या अन्य सोर्स के जरिये और पंजाब के पड़ोसी राज्यों से भी इनपुट लेकर प्रदेश में जिन भी रूट के जरिए ड्रग्स लाई जाती है और कौन-कौन से लोग ड्रग्स तस्करी में शामिल हैं, इन सभी के तथ्यों को जुटाकर उन पर शिकंजा कसेगी।
ड्रग्स तस्करी के 30 जून तक 4,677 केस दर्ज किए गए
पंजाब पुलिस के मुताबिक, जनवरी से लेकर 30 जून 2024 तक प्रदेशभर में 4,677 केस ड्रग्स तस्करी से जुड़े दर्ज किए गए हैं। इन केस में 6,364 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। पुलिस ने 30 जून तक 487.360 किलो हेरोइन के अलावा अन्य नशों के साथ 6 करोड़ 35 लाख 36 हजार 120 रुपये ड्रग्स मनी भी बरामद की है।