चंडीगढ़। सरकारी स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है और इसके साथ ही एडमिशन प्रक्रिया भी जारी है। लेकिन इस बार स्कूलों में पढ़ाई और दाखिले का काम प्रभावित होता नजर आ रहा है। इसका मुख्य कारण बड़ी संख्या में शिक्षकों की अन्य सरकारी कार्यों में ड्यूटी लगना।
चंडीगढ़ टीचर एसोसिएशन के अनुसार स्कूलों के लगभग 50 से 60 प्रतिशत रेगुलर टीचरों की ड्यूटी जनगणना, चुनाव और सीबीएसई की कॉपियां जांचने जैसे कार्यों में लगा दी गई है। इससे स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों की कमी हो गई है, जिसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। जनगणना के काम के लिए पहले 2 से 3 दिन शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जाएगी। ढाई महीने तक उन्हें घर-घर जाकर लोगों से जानकारी इकट्ठा करनी होगी और फॉर्म भरने होंगे।
टीचर एसोसिएशन का कहना है कि शिक्षा विभाग को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि ऐसी ड्यूटी स्कूल समय के बाद करवाई जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। पहले ही स्कूलों में शिक्षकों की कमी है और ऐसे में बड़ी संख्या में टीचरों को बाहर के कामों में लगाने से सिलेबस पूरा करना मुश्किल हो जाएगा।