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जानिए आशुतोष महाराज के बारे में सनसनीखेज खुलासे

Sat, 08 Feb 2014 01:38 AM IST
सुरिंदर पाल /अमर उजाला, नूरमहल (जालंधर)
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दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के प्रमुख आशुतोष महाराज का अतीत रहस्यमय बना हुआ है।
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उनका नाम महेश कुमार झा है यह बात बार-बार सामने आ रही है। लेकिन उनका एक और नाम सामने आया है- वेदप्रवक्तानंद का। महाराज आशुतोष अगर महेश कुमार हैं तो फिर उनका नाम वेदप्रवक्तानंद भी है।

हालांकि दिव्य ज्योति जागृति संस्थान महाराज आशुतोष के अतीत में जाने से साफ मना कर रहा है। डेरे के मुताबिक संत का अतीत खत्म हो जाता है, जब वह ज्ञान देने लगते हैं।
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चर्चा में है कि महाराज आशुतोष मूल रूप से दरभंगा के लखनौर गांव के रहने वाले हैं और उनके बेटे का नाम दलीप झा है। अमर उजाला के पास उनके पासपोर्ट की कॉपी है, जिसका नंबर जे-691673 है। यह पासपोर्ट दिल्ली से जारी हुआ है।

इसमें महेश कुमार को एक प्रचारक बताया गया है। पासपोर्ट में लिखा है कि महेश कमार को वेदप्रवक्तानंद के नाम से भी जाना जाता है। पासपोर्ट के मुताबिक उनका जन्म 6 अगस्त 1946 को हुआ।

इसमें उनका पता 2-12 पंजाबी बाग न्यू दिल्ली दर्ज है। पिता का नाम देव आनंद और मां का नाम मातेश्वरी बताया गया है। तब वे सतपाल महाराज के पास पंजाबी बाग डेरे में उनके शिष्य के तौर पर आश्रम में ज्ञान लेते थे।

महेश कुमार उर्फ वेदप्रवक्तानंद ने दिल्ली में सतपाल महाराज के आश्रम में जब सेवा की, तो उन्होंने अपना पूरा विवरण भरकर दिया। इसमें खुद को सीएम कॉलेज, दरभंगा से दर्शन शास्त्र, संस्कृत में मास्टर डिग्री लिखी हुई है।
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भाइयों की संख्या छह व बहनों की संख्या तीन लिखी हुई है। विवरण फार्म में यह भी जिक्र है कि वेदप्रवक्तानंद नेपाल घूमने गए थे।

इसमें वेदप्रवक्तानंद ने यह भी लिखा है कि उन्हें तत्कालीन केंद्रीय मंत्री कर्ण सिंह ने संस्कृत में प्रवचन करने के लिए पटेल भवन, नई दिल्ली में प्रथम पुरस्कार दिया था।
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