मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व में पंजाब कैबिनेट ने 2020-21 के लिए नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी। नई नीति के तहत आबकारी राजस्व बढ़ाने और शराब के कारोबार को स्थिर रखने के प्रयास किया गया है, जिसके चलते राज्य में शराब और बीयर के दाम में और बढ़ोतरी होना तय है।
शराब के स्तर के हिसाब से प्रति बोतल आबकारी ड्यूटी में इजाफा किया गया है। वहीं पहले से लागू प्रति बोतल गाय-सेस आगे भी जारी रहेगा। सरकार ने शराब ठेकों की संख्या पिछले साल की तरह 5835 ही रखने का फैसला किया है। एक प्रोजैक्ट के तौर पर मोहाली में शराब की ऑनलाइन होम डिलीवरी की योजना बनाई गई है, जिसके लिए स्थानीय शराब विक्रेताओं के साथ विचार-विमर्श करके फैसला लिया जाएगा। ग्रुप नवीनीकरण के लिए एमजीआर में 8 फीसदी बढ़ोतरी
प्रवक्ता ने बताया कि आबकारी विभाग द्वारा साल 2020-21 के लिए सार्वजनिक नोटिस के जरिये 2019-20 के ग्रुप/जोनों के नवीकरण के लिए आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। प्रत्येक ग्रुप/जोन का एमजीआर साल 2019-20 के एमजीआर की अपेक्षा 8 प्रतिशत अधिक तय किया जाएगा।
पंजाब इंटौक्सीकैंटस लाइसेंस एंड सेल ऑर्डर-1956 के अंतर्गत लाइसेंसधारक को हलफनामा देना होगा और साल 2020-21 की आबकारी नीति में तय तरीकों पर निर्धारित लाइसेंस फीस और अतिरिक्त निर्धारित लाइसेंस फीस जमा करवानी होगी, जो उदाहरण के तौर पर 28 फरवरी, 2020 तक 10 लाख रुपये और बाकी रकम 23 मार्च, 2020 तक देनी होगी।
लाइसेंस फीस में इजाफा
प्रवक्ता ने बताया कि नई नीति के अंतर्गत 2019-20 के दौरान 600 करोड़ रुपये की तय लाइसेंस फीस को बढ़ाकर 625 करोड़ रुपये किया जा रहा है जबकि 2019-20 के दौरान 120 करोड़ रुपये की अतिरिक्त तय लाइसेंस फीस को भी बढ़ाकर 385 करोड़ रुपये किया जा रहा है।
मैरिज पैलेसों पर जुर्माना राशि
नई नीति के अंतर्गत, मैरिज पैलेसों में शराब की अनाधिकृत उपभोग के लिए पैलेस वाले ही जिम्मेदार होंगे। पहले जुर्म पर 25,000 रुपये, दूसरे पर 50,000 रुपये और तीसरे जुर्म पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जायेगा। विशेष लाइसेंस फीस के रूप में 2019-20 के उपबंधों के अनुसार, गाय सेस वसूला जाना है जबकि शराब बारों के लिए जाने वाली तिमाही मूल्यांकन फीस में मामूली वृद्धि की गई है।