अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर विजेंदर मामले में सख्त हाई कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए नया फरमान जारी कर दिया है। दरअसल हरियाणा पुलिस के डीएसपी बॉक्सर विजेंदर के प्रोफेशनल खिलाड़ी के तौर पर ट्रेनिंग के लिए इंग्लैंड जाने की मंशा से छुट्टी की मांग पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा है कि उन्हें विदेश जाने से किसी ने नहीं रोका, वह इस्तीफा देकर प्रशिक्षण के लिए जा सकता है।
जस्टिस एसके मित्तल व जस्टिस एमएस चौहान की डिवीजन बेंच ने यह भी कहा कि क्या कोई सरकारी डॉक्टर निजी प्रेक्टिस कर सकता है। विजेंदर प्रोफेशनल ट्रेनिंग के लिए सरकारी नौकरी में रहते हुए छुट्टी लेकर प्रशिक्षण पर जाने की अनुमति भला कैसे मांग रहे हैं?
विजेंदर के वकील पुनीत बाली ने पैरवी में कहा कि इस वक्त करीब 19 खिलाड़ी सरकारी नौकरी में रहते हुए प्रोफेशनल खेलों में भाग ले रहे हैं। खेल नीति के तहत भर्ती खिलाड़ियों से कोई और काम नहीं लिया जाता। सरकार ने उन खिलाड़ियों को नौकरी दी, जिन्होंने पहले ही खेलों में नाम कमाया है।
यदि कोई खिलाड़ी और बेहतर प्रशिक्षण प्राप्त कर नाम कमाता है तो देश का ही नाम होगा। छुट्टी के मुद्दे पर विजेंदर की ओर से यह दलील तो दी गई, लेकिन हाईकोर्ट की ओर से लिए गए स्वत: संज्ञान के मामले पर कोई जवाब नहीं दिया गया।
वहीं इस मामले में सरकार का भी जवाब कोर्ट को नहीं मिला है। हाईकोर्ट ने विजेंदर से चार दिन के अंदर जवाब दाखिल करने को कहा है।