बिजली गुल होने पर शहर के लोग अब कॉल सेंटर पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। केंद्रीय उर्जा मंत्रालय ने यूटी प्रशासन को हरियाणा के साथ मिलकर रीस्ट्रक्चर्ड एक्सलरेटेड पॉवर डेवलपमेंट एंड रिफार्म प्रोग्राम (आर-एपीडीआरपी) लागू करने की स्वीकृति दे दी है और इस प्रोजेक्ट के लिए प्रशासन और हरियाणा सरकार ने निजी कंपनी का चयन भी कर लिया है।
इस प्रोजेक्ट के माध्यम से शहर की बिजली सप्लाई को कंप्यूटराइज्ड किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के लिए प्रशासन को केंद्र सरकार से अनुदान मिलेगा। इस प्रोजेक्ट के लागू होने के बाद लोगों को न सिर्फ बिजली की शिकायत दर्ज कराने में किसी तरह की दिक्कत आएगी, बल्कि इससे बिजली विभाग को हर साल होने वाला ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन (टीएंडडी) लॉस भी कम होगा।
इसके साथ ही कुंडी कनेक्शन का भी तुरंत पता चल जाएगा, जिससे बिजली चोरी रोकी जा सकेगी। अभी बिजली विभाग का टीएंडडी लॉस 15 प्रतिशत से अधिक है और प्रशासन इस नुकसान को कम करने के काफी प्रयास भी कर रहा है।
अभी खस्ताहाल है शिकायत केंद्र
बिजली विभाग में मौजूदा शिकायत केंद्र चलता तो 24 घंटे है, लेकिन लोगों की अकसर यहीं शिकायत रहती है कि यहां फोन ही नहीं उठाया जाता। शिकायत दर्ज हो भी जाए तो लोगों को यह भी नहीं बताया जाता है कि उनकी शिकायतें कब तक ठीक होंगी।
बिजली विभाग का नया कॉल सेंटर बन जाने से लोगों की यह दिक्कत भी दूर हो जाएगी। क्योंकि इसमें टेलीफोन लाइनों की संख्या दस हो जाएगी। कॉल सेंटर पर फोन करने के अलावा लोग एसएमएस से भी बिजली की किसी तरह की कोई भी शिकायत दर्ज करा सकेंगे।
एसएमएस के माध्यम से ही उपभोक्ताओं को बिजली के बिल की जानकारी भी दी जाएगी। साथ ही ऑनलाइन भी शिकायत की जा सकेगी। यह कॉल सेंटर 24 घंटे चलेगा और हर शिकायत के रजिस्टर होने के बाद लोगों को शिकायत पर हुई कार्रवाई के बारे में भी सूचित किया जाएगा।
चार साल पहले भी की थी तैयारी
यूटी प्रशासन ने लगभग चार साल पहले पॉवर फाइनेंस कारपोरेशन (पीएफसी) के निर्देश पर इस प्रोजेक्ट को पंजाब सरकार के साथ मिलकर लागू करने की तैयारी की थी। लेकिन, यह प्रोजेक्ट लागू नहीं हो पाया था।
अब केंद्रीय उर्जा मंत्रालय ने यूटी प्रशासन को हरियाणा के साथ इस प्रोजेक्ट को लागू करनी की स्वीकृति दी है। इस प्रोजेक्ट के लागू होने के बाद शहर के 11 केवीए और 66 केवीए सब स्टेशन ऑनलाइन हो जाएंगे।
इससे बिजली विभाग की हर तरह की जरूरतों को पूरा करने में इससे मदद मिलेगी। साथ ही शहर के लोग बिजली कनेक्शन के लिए ऑनलाइन भी आवेदन कर सकेंगे और अपने बिलों को भी आनलाइन ही जमा करा सकेंगे।