हाड़ कंपाने वाली ठंड में सड़क पर रोती-बिलखती मिली नवजात बच्ची आखिरकार दुनिया को अलविदा कह गई। जब वह मिली, उसके आसपास कुत्ते घूम रहे थे। मामला हरियाणा के रोहतक का है। मां के आंचल से दूर तुलसी ने उपचार के दौरान दम तोड़ ही दिया। रोहतक में दो विभिन्न स्थानों पर मिली दो नवजात बच्चियों में से दूसरी वृंदा का अभी भी नीकू में उपचार चल रहा है।
नवजात तुलसी को पीजीआईएमएस के गेट नंबर दो के पास निजी सुरक्षा गार्डों ने लावारिस हालत में एक कपडे़ में लिपटा हुआ पाया था। उसे संस्थान के नीकू वार्ड में उपचार के लिए वेंटिलेटर पर रखा गया था। डॉक्टरों का कहना है कि मौत हाइपोथर्मिया की वजह से हुई है। तुलसी को अधिक सर्दी लगने के कारण हाइपोथर्मिया हो गया था। नन्ही जान वृंदा को तो निजी सुरक्षा गार्डों ने कुत्तों के नोचे जाने से बचा लिया, लेकिन तुलसी को सर्दी अधिक लग गई और उसे बचाया नहीं जा सका। सर्दी लगने के कारण तुलसी सही तरीके से सांस नहीं ले पा रही थी।
वहीं नीकू वार्ड के सूत्रों की मानें तो वृंदा की हालत में सुधार है। रविवार को वृंदा को ऊपर से दूध पिलाया गया है, इसलिए माना जा रहा है कि वह धीरे-धीरे रिकवर कर लेगी। गौरतलब है कि दोनों नवजात बच्चियों को सुबह पांच डिग्री तापमान में उनकी निर्दयी माताओं ने उन्हें मरने के लिए खुले आसमान के नीचे मरने के लिए छोड़ दिया था। एक बच्ची सरकुलर रोड पर शिवमंदिर में तुलसी के पेड़ के पास मिली थी, जबकि दूसरी लड़की पीजीआईएमएस के गेट नंबर दो के बाहर जमीन पर मिली थी।
पुलिस कर रही मामले की जांच
दोनों अज्ञात बच्चियों के मामले की जांच पीजीआईएमएस व आर्य नगर थाना पुलिस कर रही है। दोनों बच्चियों के डीएनए सैंपल मिलान से लेकर आसपास के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस प्रयास कर रही है कि बच्चों को लाते समय व खुले में रखते समय की कोई फुटेज हाथ लगे तो समस्या का समाधान हो। वहीं पुलिस सरकारी व निजी अस्पताल की जच्चा महिलाओं का रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।
तुलसी की अंतिम विदाई जिला बाल कल्याण समिति की निगरानी में होगी। इसके लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया जाएगा। इसके अलावा पीजीआईएमएस प्रशासन ने बच्ची की मौत का कारण भी पूछा जाएगा। इसके अलावा पुलिस को कहा जाएगा कि वह वृंदा व तुलसी के मामले में तेजी से जांच करें।
- डॉ. राज सिंह सांगवान, चेयरमैन, बाल कल्याण समिति
अज्ञात हालात में मिली नवजात बच्ची की मौत अत्यधिक ठंड से हुई है। उसे सांस लेने में समस्या के साथ फेफड़ों में भी समस्या थी। उसे अत्यधिक सर्दी लगने से रेस्प्रेरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम हो गया था। दूसरी बच्ची का उपचार किया जा रहा है, वह सही है।
- डॉ. गजेंद्र सिंह, प्रभारी, जनसंपर्क विभाग, पीजीआईएमएस