पंजाब यूनिवर्सिटी नए शैक्षिणक सत्र के लिए ऑनलाइन फार्म भरवाने की तैयारी कर रहा है। 8 जुलाई के बाद फार्म भरना शुरू हो जाएगा। स्नातक व परास्नातक कक्षाओं के अलावा डिप्लोमा व सर्टिफिकेट कोर्सेज के लिए फार्म भरे जाएंगे। पीयू के नामचीन विभागों मेेें प्रवेश परीक्षा के आधार पर दाखिले होंगे।
पीयू का चालू शैक्षणिक सत्र अभी खत्म नहीं हुआ है। परीक्षाओं को लेकर निर्णय फाइनल नहीं हुआ है। परीक्षाएं होंगी या छात्र प्रमोट किए जाएंगे, इस पर यूजीसी की गाइडलाइन का इंतजार किया जा रहा है। इसके कारण पीयू नए शैक्षणिक सत्र की तैयारी नहीं कर पा रहा था। निजी विश्वविद्यालयों में एडमिशन की प्रक्रिया ऑनलाइन शुरू कर दी गई।
इसके कारण छात्र उन विश्वविद्यालयों की ओर खींचे चले जा रहे थे। इसी बीच पीयू ने भी आठ जुलाई से ऑनलाइन फार्म भरने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। प्रॉस्पेक्टस भी उसी दिन से डाउनलोड हो सकेगा। इसकी तैयारी पीयू कर रहा है। आवेदनों की जांच के लिए कमेटियां बनाई जाएंगी।
इसके अलावा साइंस के विभागों में दाखिले प्रवेश परीक्षा के आधार पर ही होंगे। होटल मैनेजमेंट, यूबीएस, यूआईईटी भी प्रवेश परीक्षा के आधार पर ही दाखिले करेंगे। यूबीएस विभाग उन विद्यार्थियों को एडमिशन देता है जो मैनेजमेंट की टॉप परीक्षा से उत्तीर्ण होते हैं। सबसे अधिक दिक्कतें पीयू के सामने प्रवेश परीक्षा कराने की आएगी।
क्योंकि उसका आधार क्या होगा। यह तय किया जा रहा है। जानकारों का कहना है कि पीयू को एक जुलाई से प्रवेश परीक्षा ऑनलाइन शुरू करनी चाहिए थी। आठ जुलाई यानी आठ दिन में विद्यार्थी दूसरे विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए आवेदन कर चुके होंगे।
पहला सेमेस्टर कैसे पढ़ाएंगे, यह बताना होगा
कई निजी विश्वविद्यालयों ने ऑनलाइन फार्म भरने के दौरान ही छात्रों के सामने स्थिति स्पष्ट कर दी कि वह पहला सेमेस्टर ऑनलाइन ही पढ़ाएंगे। इसके लिए पीयू को भी अपनी मंशा जाहिर करनी होगी। लगता नहीं कि क्लास वर्क एडमिशन होते ही शुरू हो जाएगा। क्योंकि कोरोना का प्रसार हो रहा है। आगे भी यह वायरस बढ़ सकता है। पहले स्थिति स्पष्ट करने से संस्थान को लाभ भी हो सकता है और हानि भी, लेकिन जानकार बता रहे हैं कि पहला सेमेस्टर ऑनलाइन ही होगा।
इसलिए पीयू को भी इस दिशा में कदम उठाना चाहिए। साथ ही ऑनलाइन कोर्सेज भी शुरू कर देने चाहिएं। पीयू को छात्रों के लिए हर विकल्प खुला रखना चाहिए। जानकार कहते हैं कि पीयू चाहे तो इस प्रक्रिया से नए शैक्षणिक सत्र को समय से शुरू कर सकता है। उसके लिए सितंबर की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। इससे शैक्षणिक सत्र लेट नहीं होगा।