इससे से पहले राजा ज्ञानेंद्र बीर बिक्रम शाह ने परिवार के साथ सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेककर गुरु घर का आशीर्वाद लिया। नेपाल के राजा ने कड़ाह प्रसाद की देग चढ़ाई। श्री गुरु ग्रंथ साहिब को पवित्र रुमाला साहिब भी भेंट किया। राजा ने सचखंड में एक लाख रुपये की भेंट भी चढ़ाई। श्री हरमंदिर साहिब के मुख्य भवन में राजा ज्ञानेंद्र बीर बिक्रम शाह को गुरु बक्शीश सिरोपा व पताशों का प्रसाद भेंट किया गया।
श्री हरमंदिर साहिब की परिक्रमा करते समय नेपाल के राजा ने सिख इतिहास, फलसफे व गुरु मर्यादाओं के बारे में विशेष रुचि दिखाई। डॉ. रूप सिंह ने राजा को श्री हरमंदिर साहिब की स्थापना से लेकर अब तक के इतिहास के बारे में जानकारी दी। सूचना केंद्र कार्यालय के अधिकारी जसविंदर जस्सी ने राजा के परिवार को परिक्रमा में स्थित अलग-अलग गुरुद्वारा साहिबान के इतिहास के साथ-साथ श्री अकाल तख्त साहिब के बारे में जानकारी दी।
श्री हरमंदिर साहिब के सूचना केंद्र कार्यालय में राजा व उनके साथ पारिवारिक सदस्यों को श्री हरमंदिर साहिब जी का सुनहरी मॉडल, सिरोपा व धार्मिक किताबों का सेट भेंट कर सम्मानित किया गया। नेपाल के राजा ने सूचना केंद्र में रखी विजिटर्स बुक में लिखा की सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेककर वह बेहद आनंदित हैं। यह पल बहुत ही गौरवशाली अनुभव है। इस अवसर पर एसजीपीसी अधिकारी सुखदेव सिंह भुराकोना, कुलविंदर सिंह रमदास, जत्थेदार हरबंस सिंह मंझपुर, मुख्त्यार सिंह, जसविंदर जस व राजिंदर रूबी भी मौजूद थे।