चंडीगढ़ में कोरोना के मरीजों के इलाज में लापरवाही का मामला दिनोंदिन बढ़ता ही जा रहा है। सूद धर्मशाला में क्वारंटीन किए जा रहे मरीज अपने इलाज के लिए बाहर से खुद दवा मंगा रहे हैं।
स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि क्वारंटीन किए गए मरीज तमाम परेशानियों को झेलने के बावजूद भी शांत रहकर अपने क्वारंटीन पीरियड के पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर शिकायत की तो सजा के तौर पर उनके क्वारंटाइन की समय सीमा बढ़ाए जाने का खतरा है। सूद धर्मशाला की व्यवस्था की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी जीएमसीएच- 32 के पास है।
चाय के लिए धक्कामुक्की.. एक साथ हॉल में एकत्रित होते हैं 60 मरीज
सूद धर्मशाला में भर्ती एक मरीज ने बताया कि वहां पर मौजूदा समय में सबसे ज्यादा मरीज क्वारंटीन किए गए हैं। संक्रमण से बचाव के मानकों की अनदेखी व्यापक स्तर पर जारी है। आलम यह है कि सुबह की चाय ग्राउंड फ्लोर पर एक जगह रख दी जाती है और सारे मरीजों को आवाज लगा दिया जाता है। एक साथ 50 से 60 मरीज नीचे के हॉल में एकत्रित हो जाते हैं।
सभी एक दूसरे को धक्का देकर आगे निकलते हैं ताकि चाय खत्म ना हो जाए। ठीक यही स्थिति नाश्ता और खाना लेने के दौरान भी होती है। अन्य क्वारंटीन सेंटर में मरीजों की हालत दयनीय है। खाने-पीने, रहने के लिए मरीजों को हर दिन जद्दोजहद करनी पड़ रही है। क्वारंटीन सेंटरों पर संक्रमण से बचाव की व्यवस्था भी नदारद है।