गवर्नमेंट मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल (जीएमएसएच) सेक्टर-16 में भर्ती एक गर्भवती महिला के भाई ने अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला के भाई विवेक कुमार ने कहा है कि इलाज नहीं मिलने से गर्भ में पल रहे नवजात की मौत हो गई। अब उसकी बहन की जान को भी खतरा बना हुआ है। उसका ऑपरेशन होना जरूरी है। विवेक ने अस्पताल प्रबंधन को शिकायत देकर जांच करवाने की मांग की है। वहीं, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वीके नागपाल ने ामले की जानकारी होने से इंकार किया है।
विवेक ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि उसकी बहन सेक्टर-45 के अस्पताल से चेकअप करा रही थी। वहां से 10 अगस्त को जीएमएसएच-16 रेफर कर दिया गया। जब वह जीएमएसएच-16 पहुंची तो उसकी डेंगू और कोविड की जांच कराने को कहा गया। इसमें पांच दिन बीत गए। 15 अगस्त को अस्पताल में जांच के बाद बताया गया कि गर्भ में पल रहा बच्चा ठीक नहीं है। अल्ट्रासाउंड कराएं। अस्पताल अल्ट्रासाउंड करने को तैयार नहीं था, काफी अनुरोध के बाद जब महिला का अल्ट्रासाउंड किया गया तो गर्भ में ही बच्चा मृत पाया गया।
विवेक का कहना है कि बहन को समय से यदि इलाज मिल जाता तो बच्चा जीवित होता, लेकिन इलाज में देरी के कारण यह घटना हुई है। शिकायत में कहा गया है कि अब भी बहन को अस्पताल प्रशासन की ओर से किसी प्रकार का कोई चिकित्सकीय इलाज नहीं दिया गया है, अब उनकी बहन की जान को खतरा है। डॉक्टरों का कहना है कि कोविड की रिपोर्ट आने के बाद इलाज की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इस मामले की जानकारी नहीं है। सोमवार को पूरे प्रकरण को दिखवाया जाएगा और पीड़िता को तत्काल इलाज दिया जाएगा।
- डॉ. वीके नागपाल, चिकित्सा अधीक्षक, जीएमएसएच-16 चंडीगढ़