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Chandigarh News: शपथ ग्रहण में लापरवाही, विधायकों ने ईश्वर की शपथ के साथ सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान पढ़ा

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चंडीगढ़। विधायकों के शपथ ग्रहण के दौरान एक लापरवाही सामने आई है। शपथ ग्रहण के दौरान विधायकों ने ईश्वर की शपथ लेने के साथ सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान भी पढ़ा। जबकि नियमानुसार दोनों से किसी एक को पढ़ना होता है। हाईकोर्ट के एडवोकेट व विधायी मामलों के जानकार हेमंत कुमार ने इस लापरवाही को उजागर करते हुए इसकी शिकायत राजभवन व विधानसभा में भेजी है। उन्होंने बताया, शपथ ग्रहण के दौरान जब विधायक शपथ ग्रहण कर रहे थे तो उस दौरान प्रोटेम स्पीकर या विधानसभा सचिव हस्तक्षेप करना चाहिए था, मगर किसी भी अधिकारी ने इस पर ध्यान नहीं दिया। यह गंभीर चूक है। उन्होंने कहा- शपथ ग्रहण का जो प्रारूप है, उसमें स्पष्ट उल्लेख है कि मैं, अमुक (विधायक का नाम), जो विधानसभा का सदस्य निर्वाचित हुआ हूं, ईश्वर की शपथ लेता हूं ( अथवा) सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान करता हूं की मैं विधि द्वारा स्थापित भारत के संविधान के प्रति सच्ची श्रद्धा और निष्ठा रखूंगा। मैं भारत की प्रभुता और अखंडता को अक्षुण रखूंगा और जिस पद को मैं ग्रहण करने वाला हूं उसके कर्तव्यों का श्रद्धापूर्वक निर्वहन करूंगा। उपरोक्त प्रारूप के अनुसार विधानसभा के हर नव-निर्वाचित सदस्य को यह विकल्प दिया गया है कि अगर वह ईश्वर में आस्था रखने वाला अथवा आस्तिक है, तो वह ईश्वर के नाम से विधायक पद की शपथ ले सकता है। अगर वह इस प्रकार ईश्वर की शपथ नहीं लेना चाहता है, तो वह सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान भी कर सकता है मगर एक ही समय पर दोनों का एक साथ प्रयोग नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा, इस बार 40 विधायक नए हैं, तो उन्हें पहले ही इस बार में दिशा-निर्देश देना चाहिए।शपथ लेने वालों में सबसे पहले मुख्यमंत्री शामिल थे। उसके बाद मंत्रियों व विधायकों ने भी शपथ ग्रहण की।
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