अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। राज्य में 10 लाख रुपये की कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना को लेकर रविवार को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने समीक्षा बैठक की। बैठक में सार्वजनिक और निजी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। मंत्री ने कहा कि सेवाओं में किसी भी प्रकार की अनदेखी को सहन नहीं किया जाएगा और तय मानकों का उल्लंघन होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी।
डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि योजना की सफलता केवल दिशा-निर्देशों के पालन, नैतिक चिकित्सकीय अभ्यास और पूर्ण पारदर्शिता के माध्यम से सुनिश्चित की जा सकती है। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि प्रत्येक निवासी को बिना किसी वित्तीय बोझ के उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं मिलें। बैठक में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) पंजाब और पंजाब हॉस्पिटल एंड नर्सिंग होम एसोसिएशन (पीएचएनए) के प्रतिनिधियों ने योजना के लिए समर्थन व्यक्त किया और लाभार्थियों के नामांकन में तेजी लाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि राज्यभर में मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए अस्पतालों के नेटवर्क का विस्तार आवश्यक है। इसके अलावा, चिकित्सा संस्थानों ने संशोधित पैकेज मास्टर एचबीपी 2.2 को अपनाने का स्वागत किया और कहा कि इससे अस्पतालों की कार्यक्षमता में सुधार होगा और योजना के सफल क्रियान्वयन में मदद मिलेगी।