चंडीगढ़ स्टेट एड्स कंट्रोल सोसायटी ने युवाओं की दौड़ के बल पर भले ही राष्ट्रीय रेड रन प्रतियोगिता में इस वर्ष पहला स्थान प्राप्त कर लिया हो, लेकिन अधिकारियों व कर्मचारियों के काम करने की नीति एड्स नियंत्रण कार्यक्रम को पीछे धकेलना का काम कर रही है।
स्थिति यह है कि सोसाइटी में लापरवाही के कारण अभियान को सफल बनाने के लिए सरकार द्वारा प्राप्त एच आई वी जांच किट और दवाएं केंद्रों को वितरण करने की बजाय रखें रखें एक्सपायर कर दी गई है।
लापरवाही की सीमा यह है कि उन एक्सपायर्ड सामान को 2 साल बाद भी कंडम नहीं किया गया है। चौंकाने वाले इस हकीकत की पुष्टि सेंट्रल ऑडिट की रिपोर्ट में हुई है। जिसमें टीम ने बताया है कि 2021 से 2023 के बीच चंडीगढ़ में आरटी केंद्रों को दी गई किट और दवाएं निगरानी की कमी के कारण रखे रखे एक्सपायर हो गई थी। इस संबंध में ऑडिट टीम द्वारा मांगे गए स्पष्टीकरण पर समिति कोई जवाब नहीं दे पाया है। यह ऑडिट 2024 अप्रैल में की गई है।
सोसायटी और उसके मुख्य कार्य
एड्स कंट्रोल सोसाइटी, चंडीगढ़ (एसएसीएस) की स्थापना सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम, 1960 के तहत इस उद्देश्य से की गई थी। मई 1998 में और पंजीकृत किया गया था। इस सोसायटी का मुख्य कार्य केंद्र शासित प्रदेश में एड्स के प्रसार को रोकने के लिए राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (एनएसीओ) द्वारा भेजे गए धन का उपयोग करना है। एचआईवी संचरण को रोकने और इसके प्रसार को नियंत्रित करने के लिए उस धन का उपयोग कर एचआईवी संक्रमण से जुड़ी रुग्णता और मृत्यु दर को कम करना। एचआईवी/एड्स के लिए नैदानिक प्रबंधन सुविधाएं प्रदान करना। एचआईवी/एड्स रोगियों के लिए सामाजिक समर्थन व्यवस्थित करना और परामर्श सेवाएं विकसित करना। क्षेत्र में काम करने वाले गैर सरकारी संगठनों को वित्त पोषित करके जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना।
शहर में एचआईवी संक्रमित की स्थिति
शहर में व्यस्क एचआईवी प्रसार 0.25 प्रतिशत है और 2006 से यह इसी दर पर है। इससे पूर्व 2003 में एचआईवी प्रसार 0.5 प्रतिशत था जो 2006 में घटकर 0.25 और अब भी इतना है। 2011 की जनगणना के अनुसार शहर की आबादी करीब 10.54 लाख है, जिसमें से अभी 409 एचआईवी पॉजिटिव है। चंडीगढ़ स्टेट एड्स कंट्रोल सोसायटी की ओर से 2024-25 के अक्तूबर तक के दिए डाटा के अनुसार उनके द्वारा अब तक शहर के 78,350 लोगों का एचआईवी टेस्ट करवाया जा चुका है। इनमें से 398 पॉजिटिव निकले व कुल एचआईवी मरीजों की संख्या 409 है। कुल टेस्ट किए लोगों में से 13,755 गर्भवति महिलाएं रहीं, जिनमें से 11 का परिणाम पॉजिटिव आया।
ऑडिट टीम को इनमें मिली कमियां
- राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन द्वारा निर्धारित वित्तीय प्रबंधन दिशानिर्देशों का अनुपालन न करना।
- हाइब्रिड मोड (वर्चुअल और फिजिकल) में एड्स सम्मेलन (एडस्कॉन 10) के आयोजन के लिए एजेंसी को नियुक्त करने के लिए सीमित निविदा जांच के प्रसंस्करण में कमियां।
- अग्रिम 54.67 लाख रुपये का समायोजन न होना।
- राष्ट्रीय एड्स संगठन द्वारा जारी वित्तीय प्रबंधन के लिए परिचालन दिशानिर्देशों का अनुपालन न करना।
- एनएसीओ द्वारा निर्धारित वित्तीय प्रबंधन के लिए परिचालन दिशानिर्देशों का अनुपालन न करने से आय सृजन का नुकसान होता है
- एक्सपायरी दवाओं के निपटान में देरी।
- नेशनल एड्स कंट्रोल आर्गेनाइजेशन द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों के उल्लंघन में दवाओं के संबंध में रिकॉर्ड/रजिस्टर का अनुचित रखरखाव और भौतिक निरीक्षण रिपोर्ट तैयार न करना।
- उपभोग्य सामग्रियों का भौतिक सत्यापन न करना।
अनदेखी से ये चीजें हुई बर्बाद
दवा किट बैच नंबर एक्सपायरी मात्रा
एसटीआई/आरटीआई किट- 6 टी 1908105 31 जुलाई 2022 352
एसटीआई/आरटीआई किट- 2 टी 200133 दिसंबर 2022 2476
डीबीएस कार्ड 112147/20200001 अप्रैल 2022 2100
नेविरेपीन ओरल सस्पेंशन 100 मि.ग्रा एल190809 31 जुलाई 2021 100