नगर निगम की वित्त एवं अनुबंध कमेटी में भाजपा पार्षद हीरा नेगी की हार का चर्चा पूरे शहर में चलती रही। भाजपा कैडर इस हार से काफी निराश हैं।
भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि नगर निगम चुनाव में प्रचंड बहुमत के बाद भी वित्त एवं अनुबंध समिति में हार शुभ संकेत नहीं है। भाजपा ने यदि समय रहते पार्षदों की गतिविधियों पर ध्यान नहीं दिया तो गुटबाजी और बढ़ेगी।
इससे भाजपा को आने वाले दिनों में गुटबाजी और बढ़ सकती है। वहीं कांग्रेसी खेमे में भी पूरा दिन दवेंद्र सिंह बबला की जीत की चर्चा रही। कांग्रेसियों का कहना है कि पार्टी की जीत अन्य कमेटियों में भी हो सकती है।
चंडीगढ़ में रह रहे उत्तराखंड के लोग भी हीरा नेगी की हार से काफी निराश है। इससे पहले हीरा नेगी मेयर चुनाव में भी हार चुकी हैं। भाजपा प्रदेश महासचिव प्रेम कौशिक ने कहा कि पार्टी को इसकी जांच करानी चाहिए।
प्रूव होने पर उस व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। भाजपा उत्तराखंड प्रकोष्ठ के संयोजक बीएस बिष्ट ने कहा कि कैडर का काम पार्षद को विजयी बनाकर भेज देना था। अब पार्षदों को देखना है कि वे अपना काम किस प्रकार करते हैं।