फर्जी एससी सर्टिफिकेट के जरिये पंजाब के शिक्षा विभाग में 34 साल तक नौकरी करने के एक मामले पर संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर 15 दिन में कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
एनसीएससी को मीडिया के जरिये यह जानकारी मिली थी कि फरीदकोट के गांव खारा निवासी सर्बजीत सिंह ने खुद को अनुसूचित जाति से संबंधित दिखाने के लिए फर्जी सर्टिफिकेट पेश करके शिक्षा विभाग में नौकरी हासिल की। आरोपी सर्बजीत सिंह मशहूर पंजाबी गायक अमृत मान के पिता हैं।
एनसीएससी ने उन खबर पर संज्ञान लिया, जिसमें कहा गया है कि सरबजीत सिंह ने वर्ष 1989 में आरक्षित वर्ग में गणित शिक्षक का पद हासिल करने के लिए फर्जी अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र जमा कराया था। इसके आधार पर राज्य सरकार ने उनके चयन को मंजूरी दे दी। उस समय पंजाब के स्कूलों में 252 शिक्षण पदों में से 25 फीसदी सीटें अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित थीं।
एनसीएससी के चेयरमैन विजय सांपला के अनुसार, पंजाब के एक सेवानिवृत्त अधिकारी अवतार सिंह सहोता ने राज्य के मुख्यमंत्री को एक शिकायत सौंपकर आरोप लगाया था कि सर्बजीत सिंह ने झूठे एससी प्रमाण पत्र का उपयोग करके 34 साल से अधिक समय तक नौकरी की है।
इस पर आयोग ने पंजाब सरकार के प्रमुख सचिव (स्कूली शिक्षा विभाग) और प्रमुख सचिव (सामाजिक, न्याय और अधिकारिता और अल्पसंख्यक विभाग) को मामले की जांच करने और की गई कार्रवाई संबंधी रिपोर्ट 21 जून तक डाक या ईमेल के जरिये आयोग के समक्ष पेश करने को कहा है।
सांपला ने अधिकारियों को चेताया कि यदि कार्रवाई की गई रिपोर्ट निर्धारित समय के भीतर प्राप्त नहीं होती है, तो आयोग भारत के संविधान के अनुच्छेद 338 के तहत उसे दी गई दीवानी अदालत की शक्तियों का प्रयोग कर सकता है और दिल्ली में आयोग के समक्ष व्यक्तिगत उपस्थिति के लिए समन जारी कर सकता है।