नवरात्र में उपवास रखने का केवल आध्यात्मिक महत्व ही नहीं, ब्लकि साइंटिफिक बेनेफिट भी है। पढ़ें, व्रत रखने के चौंकाने के फायदे।
उपवास रखने से शरीर फिट रहता है। व्रत रखने से शरीर की रोक प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। यह कहना है गांधी स्मारक भवन स्थित प्राकृतिक चिकित्सा विभाग के डायरेक्टर डॉ. देवराज त्यागी का।
उन्होंने कहा कि ठीक विधि से उपवास रखने से इसका परिणाम चमत्कारी होता है। उन्होंने कहा कि उपवास के प्रभाव से ज्ञानेंद्रियां सजग, सबल और निर्मल बनती हैं। उपवास शरीर शोधन के साथ साथ इच्छा शक्ति और आत्म मंथन की वृत्ति को सशक्त करता है। उन्होंने कहा कि उपवास से हमें सौंदर्य, आत्म विश्वास, सहनशीलता और गौरव-गरिमा जैसी अमूल्य निधियां प्राप्त होती है।
साधारण उपवासों से अधिक महत्वपूर्ण
डॉ. देवराज त्यागी का कहना है कि नवरात्र उपवास की विशेषता यह है कि यह मौसम बदलने के अवसरों पर किए जाते हैं। एक बार तब, जब ऋतु सर्दी से गर्मी की ओर जाती है। और दूसरी बार जब गर्मी से सर्दी की ओर बढ़ती है।
उन्होंने कहा कि ऋतु परिवर्तन के इन मोड़ों पर अधिकतर लोग सर्दी जुकाम, बुखार, पेचिश, अजीर्ण, चेचक और हैजा जैसे रोगों से पीड़ित हो जाते हैं। ऋतु परिवर्तन मानव शरीर में छिपे हुए विकारों को एवं ग्रंथी-विषों को उभार देता है। इस लिए उस समय उपवास द्वारा उनको बाहर निकाल देना ही लाभकारी है। नवरात्रों में किया गया उपवास वर्ष के दूसरे अवसरों पर किए गए साधारण उपवासों से अधिक महत्वपूर्ण हैं। यह व्रत शारीरिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक सभी स्तरों पर अपना प्रभाव छोड़ जाता है। उपवास करनेवालों को कल्याणकारी मार्ग की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा और क्षमता प्रदान करता है।