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कांग्रेस के पंजे की पकड़ में नहीं आ रहें सिद्धू!

Wed, 11 Jan 2017 07:58 PM IST
टीम डिजीटल/अमर उजाला, चंडीगढ़
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नवजोत सिंह सिद्धू - फोटो : File Photo
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आज-कल करते करते कई तारीखें बीत गई लेकिन नवजोत सिंह सिद्धू अभी तक कांग्रेस के पंजे में नहीं आए है। मशहूर क्रिकेटर और पूर्व बीजेपी नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने ये तो बता दिया कि वह कांग्रेस में शामिल होंगे, लेकिन कब होंगे ये अभी तक सस्पेंस बना कर रखा हुआ है।
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पहले खबरें थीं कि वह 9 जनवरी को आधिकारिक तौर पर कांग्रेस में शामिल होंगे लेकिन ऐसा हुआ नहीं। फिर 9 जनवरी की शाम को खबर आई कि नवजोत सिद्धू 10 जनवरी को कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं लेकिन 10 जनवरी का दिन भी अटकलों के बीच निकल गया। बता दें कि सिद्धू की ज्वाइनिंग महज एक औपचारिकता ही है, क्योंकि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पहले ही यह कह दिया है कि सिद्धू कांग्रेस की टिकट पर पूर्वी अमृतसर से चुनाव लड़ेंगे।

 एक हिंदी टीवी चैनल से बात करते हुए कांग्रेस के सीएम पद के उम्मीदवार कैप्टन अमरिंदर सिंह ने साफ कर दिया है कि नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब का डिप्टी सीएम बनाने की कोई बात नहीं हुई है। बता दें कि नवजोत सिंह सिद्धू कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ने वाले है, यह बात सबसे पहले सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर ने एक प्रेस वार्ता में कही थी।
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- फोटो : फाइल फोटो
नवजोत सिद्धू ने यह कहते हुए भाजपा से इस्तीफा दिया था कि वह पंजाब के लिए काम करना चाहते है और भाजपा उन्हे ऐसा करने से रोक रही है। सिद्धू के इस्तीफे के बाद काफी समय तक उनके आम आदमी पार्टी में शामिल होने की अटकले चलती रहीं लेकिन आखिर में सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू के कांग्रेस ज्वाइंन करते ही यह लगभग साफ हो गया था कि सिद्धू की गेंद कांग्रेस के पाले में ही गई है। 

ये कहना यहां गलत नहीं होगा कि सिद्धू के लिए कांग्रेस ही एक विकल्प बचा था क्योंकि भाजपा से उनकी बिगड़ गई थी और 'आप' में अरविंद केजरीवाल से मिलने के बाद भी कोई बात बन नहीं पाई थी इसलिए कांग्रेस ही एक विकल्प बचा था।

बाद में सिद्धू को पूर्वी अमृतसर से टिकट दिया गया, वह भी पहले से तय था क्योंकि डॉ. नवजोत कौर की स्थिति सर्वे में अच्छी नहीं है, हलके में उनका विरोध भी है। जिसके चलते कांग्रेस सिद्धू को वहां से लड़ाना चाहती है। उनके लड़ने से एंटी इन्कम्बेंसी फैक्टर उतना नहीं रहेगा।

इसके अलावा कांग्रेस हाईकमान खुद पंजाब में पावर बैलेंस बनाना चाहती है। सिद्धू के पंजाब कांग्रेस की सियासत में आने से प्रदेश प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह पर दबाव रहेगा क्योंकि सिद्धू का कद भी है और वह बेदाग भी हैं। कैप्टन की तरह वह भी पार्टी का बड़ा चेहरा बन सकते हैं। इसी मकसद से पार्टी ने कैप्टन की मर्जी के खिलाफ मनप्रीत बादल को चुनाव मैदान में उतारा है।
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