भाजपा से एकाएक नाता तोड़ने के बाद पूर्व सांसद नवजोत सिंह सिद्धू भले ही सियासी चक्रव्यूह में घिरे हैं, लेकिन उनके फोरम ने नए संकेत दे दिए हैं। आवाज-ए-पंजाब ने आम आदमी पार्टी से समझौता करने के लिए संकेत दिए हैं। शुक्रवार देर शाम सिद्धू के नई दिल्ली स्थित आवास पर फ्रंट की बैठक हुई। इसमें परगट सिंह, बलविंदर बैंस और सिरमजीत सिंह बैंस शामिल हुए।
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डॉ. नवजोत कौर सिद्धू बैठक में मौजूद नहीं थीं। बैठक के दौरान कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन पर विचार-विमर्श हुआ। बैठक के बाद सिमरजीत सिंह बैंस ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि दो दिन में सारी स्थिति स्पष्ट कर दी जाएगी। बैंस ने कहा कि नवजोत सिद्धू की कांग्रेस और आप के नेताओं के साथ बातचीत चल रही है।
दो दिनों में फ्रंट चुनावी गठबंधन पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर देगा। बैंस ने यह भी कहा कि वह बादलों की कार्बन कॉपी के साथ काम नहीं कर सकते। सारा पंजाब जानता है कि अमरिंदर और बादलों में खास फर्क नहीं। उनसे पूछा गया कि क्या आप में कोई बादलों जैसा है तो उन्होंने जवाब दिया, ‘आपको लगता है कि कोई है?’ इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि फ्रंट आप का रुख कर सकता है।
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आवाज-ए-पंजाब का पार्टी में विलय चाहती है कांग्रेस
कैप्टन अमरिंदर सिंह चंडीगढ़ में पूर्व फौजियों के मार्च में हुए शामिल
- फोटो : अमर उजाला
भाजपा से एकाएक नाता तोड़ने के बाद पूर्व सांसद नवजोत सिंह सिद्धू सियासी चक्रव्यूह में बुरी तरह घिर गए हैं। आम आदमी पार्टी की ओर से मुंह मांगी मुराद पूरी न होने पर कांग्रेस से सम्मानजनक समझौते की उम्मीद पाले बैठे सिद्धू को दूसरी बार भी सियासी झटका लगा है।
कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वह सिद्धू की पार्टी आवाज-ए-पंजाब से चुनाव पूर्व गठबंधन के बजाय इस पार्टी का कांग्रेस में विलय चाहती है। हालांकि, कांग्रेस ने इस क्रम में सिद्धू और उनके साथियों को सम्मानजनक पद देने का वादा जरूर किया है।
कांग्रेस के इस प्रस्ताव के बाद बुरी तरह उलझे सिद्धू ने परगट सिंह समेत अपनी पार्टी के वरिष्ठ सदस्यों के साथ भावी रणनीति पर दिनभर मंथन किया है। बताते हैं कि सिद्धू जल्द ही भावी निर्णय की जानकारी देंगे।
राहुल और सिद्धू की मुलाकात से उलटफेर की उम्मीद बंधी
former cricketer Navjot Singh Sidhu
- फोटो : File Photo
दरअसल, बीते दिनों कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और सिद्धू की मुलाकात से पंजाब की राजनीति में बड़े उलटफेर होने की उम्मीद बंधी थी। इस मुलाकात में सिद्धू को उपमुख्यमंत्री का पद देने और उनकी पार्टी से चुनाव पूर्व गठबंधन पर गंभीर मंथन हुआ था।
सूत्र बताते हैं कि इस मुलाकात के बाद राज्य इकाई और इसके अध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह विरोध पर उतर आए। इसके बाद सिद्धू को नए सिरे से आवाज-ए-पंजाब का कांग्रेस में विलय करने का प्रस्ताव भेजा गया। सिद्धू को साफ तौर पर बता दिया गया है कि कांग्रेस आवाज-ए-पंजाब के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन नहीं करेगी।
कांग्रेस की इस सियासी गुगली के बाद सिद्धू ने अपनी पार्टी के वरिष्ठ सहयोगियों परगट सिंह, नवजोत कौर सहित कुछ अन्य नेताओं के साथ दिनभर मंथन किया। इस बैठक में क्या फैसला हुआ, इसकी आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई। कहा जा रहा है कि सिद्धू दो-तीन दिन में अंतिम फैसला लेंगे।
पंजाब प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह
- फोटो : अमर उजाला
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह शुक्त्रस्वार को पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मिलने उनके आवास पर पहुंचे। बैठक के बाद कैप्टन ने बताया कि राहुल के पंजाब दौरे को लेकर जो रोड मैप तैयार किया गया है उस पर चर्चा हुई। कैप्टन ने नवजोत सिंह सिद्धू को लेकर उठ रहे सवालों को फिर खारिज कर दिया।
उन्होंने कहा कि सिद्धू को लेकर बैठक में कोई चर्चा नहीं हुई। दरअसल, यूपी की तरह ही पंजाब में भी कांग्रेस चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (पीके) के रोड मैप के तहत चुनाव की तैयारियों में जुटी है। पंजाब में भी बड़ी संख्या में राहुल के रोड शो और सभाएं होनी हैं।
कैप्टन ने मीडिया को बताया कि राहुल जल्द ही पंजाब का दौरा करेंगे। वहां बैठक होने के बाद तय होगा कि वे कहां और कैसे जाएंगे। पंजाब में पीके और कैप्टन के बीच बिगड़े तालमेल को लेकर भी खबरें आती रही हैं लेकिन कैप्टन ने इस पर भी विराम लगा दिया है।
उन्होंने मीडिया से कहा कि मैं प्रशांत के साथ काम करके खुश हूं। सिद्धू के कांग्रेस में आने को लेकर पूछे गए सवाल पर कैप्टन ने कहा कि सिद्धू हो या कोई भी हो कांग्रेस की नीतियों के तहत पार्टी में आना चाहेगा उसका स्वागत है। फिलहाल इस पर केवल मीडिया खबरें बना रहा है।
उल्लेखनीय है कि राज्यसभा सांसद प्रताप सिंह बाजवा सिद्धू को पार्टी में शामिल करने के पक्ष में हैं। वह कह चुके हैं कि सिद्धू, परगट सिंह और बैंस ब्रदर्स यूथ आइकन हैं, और इनके पार्टी में आने का फायदा होगा। अगर ये पार्टी में आने की कोई शर्त भी रखते हैं तो पार्टी को देखना चाहिए।