दरअसल, राहुल गांधी ने उन्हें स्पष्ट कर दिया है कि उनके विभाग में किया बदलाव का फैसला अब बदला नहीं जा सकता। उधर, सिद्धू के पसंदीदा स्थानीय निकाय विभाग को ब्रहम मोहिंदरा ने संभाल लिया है। हालांकि उन्होंने भी साफ कर दिया है कि पूर्व मंत्री द्वारा लिए गए फैसलों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा और उन फैसलों को आगे बढ़ाया जाएगा।
इस बीच, सिद्धू के बिजली मंत्री का पद न संभालने के चलते मुख्यमंत्री के उस फैसले पर ब्रेक लगने की आशंका जताई जा रही है, जिसमें उन्होंने रबी सीजन के दौरान किसानों को हर रोज 8 घंटे बिजली और अन्य उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली की सप्लाई यकीनी बनाने के निर्देश जारी किए थे। मुख्यमंत्री के इन निर्देशों को मूर्त रूप देने के लिए अब बिजली मंत्री द्वारा विभाग के अधिकारियों को आदेश जारी करना आवश्यक है।
फिलहाल बिना मंत्री, बिजली बोर्ड के चेयरमैन और आला अधिकारी ही विभाग का गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं लेकिन बिना किसी नए आदेश के वे कोई फैसला लेने से गुरेज करेंगे। यह भी पता चला है कि बिजली विभाग के कुछ अधिकारियों ने नवजोत सिद्धू के आवास पहुंचकर उनसे मुलाकात भी की है। इस मुलाकात का ब्योरा नहीं मिल सका है।