सिद्धू ने कहा कि कानून-व्यवस्था के मामले में बेअदबी, ड्रग, बीएसएफ को छोड़कर पंजाब के सभी मुद्दे इनकम पर खड़े हैं। उन्होंने कहा कि इसके प्लान के लिए उन्होंने पहले ही इजाजत ले ली है और एक ठोस प्लान बनाया है, जो गुणात्मक (क्वालिटेटिव) होगा, मात्रात्मक (क्वानटेटिव) नहीं होगा। उन्होंने कहा कि पंजाब की स्थिति से कबूतर की तरह आंखें मूंदकर बचा नहीं जा सकता। अगर अभी न संभले तो फिर नहीं संभल सकेंगे।
मेरिट के आधार पर होगा प्रत्याशियों का चयन
यह पूछे जाने पर कि अन्य दलों ने अपने प्रत्याशियों का एलान शुरू कर दिया है, कांग्रेस कब तक घोषित करेगी? नवजोत सिद्धू ने कहा कि पार्टी हमेशा सबसे बाद में अपने प्रत्याशी जारी करती रही है, इस बार भी अंत में सूची जारी होगी। प्रत्याशियों का फैसला पार्टी हाईकमान द्वारा किया जाएगा और चयन मेरिट के आधार पर होगा। उन्होंने यह भी कहा कि जीतने में सक्षम उम्मीदवारों को ही मौका दिया जाएगा और इस मामले में कोई समझौता नहीं होगा।
हर पंजाबी कांग्रेस का सीएम चेहरा: हरीश चौधरी
प्रेस कॉन्फ्रेस में मौजूद पार्टी मामलों के प्रभारी हरीश चौधरी से जब पत्रकारों ने पूछा कि चुनाव में पार्टी की तरफ से सीएम चेहरा कौन होगा? चौधरी कूटनीतिक जवाब देकर बचते दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि सीएम फेस को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया है। कांग्रेस के लिए हर पंजाबी सीएम चेहरा है।
उल्लेखनीय है कि पिछले महीने हाईकमान द्वारा पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हरीश रावत ने कहा था कि पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ही पार्टी का सीएम चेहरा होंगे और चन्नी के नेतृत्व में ही विधानसभा चुनाव लड़े जाएंगे लेकिन मंगलवार को हरीश चौधरी के इस मुद्दे पर जवाब से यह साफ हो गया है कि पार्टी हाईकमान इस मामले में कुछ ओर निर्णय ले सकता है। पार्टी के भीतर यह सुगबुगाहट भी चल रही है कि अगर 2022 में कांग्रेस की फिर से सरकार बनी तो चन्नी को मुख्यमंत्री पद न देकर अन्य दावेदारों के नामों पर विचार होगा, जिनमें नवजोत सिद्धू का नाम सबसे आगे होगा।