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शपथ लेने के बाद सामने आई नवजोत सिद्धू की जिंदादिली, हर किसी ने तारीफ की

Fri, 17 Mar 2017 09:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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नवजोत सिंह सिद्धू
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जाब की नई सरकार में शामिल होने के लिए शपथ लेने के बाद नवजोत सिद्धू की जिंदादिली देखने को मिली। उन्होंने ऐसा काम किया कि हर किसी से सराहना मिली। शपथ लेने के बाद सिद्धू ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के पांव छुए। कैप्टन ने भी उनकी पीठ थपथपाकर प्रोत्साहित किया। यह देखकर वहां मौजूद सभी लोगों ने तालियां बजाकर सराहना की।
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वहीं, इस तरह से पांव छूने से सिद्धू की जिंदादिली तो जाहिर होती ही है, साथ ही उन्होंने यह भी साबित किया कि उनके लिए व्यक्तिगत स्वार्थ से बढ़कर पार्टी की एकजुटता ज्यादा मायने रखती है। सभी जानते हैं कि कैप्टन के साथ सिद्धू के मतभेद रहे। उसके बावजूद पंजाब के विकास के लिए दोनों साथ है। दोनों मिलकर पंजाब को आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

गौरतलब है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने 9 कैबिनेट मंत्रियों के साथ पद की गोपनीयता की शपथ ले ली। अभी और मंत्री कैबिनेट में शामिल किये जाने हैं। वे प्रदेश के 26वें मुख्यमंत्री बने हैं। साथ ही दूसरी बार सीएम बने। 10 साल बाद पंजाब में कांग्रेस की सरकार लौटी है।
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तीसरे नंबर पर नवजोत सिद्धू ने ली शपथ

नवजोत सिंह सिद्धू
सिद्धू ने ब्रह्म मोहिंदरा सिंह के बाद दूसरे नंबर पर कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली। इनके अलावा मनप्रीत सिंह बादल, साधु सिंह धर्मसोत, तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, राणा गुरजीत सिंह, चरणजीत सिंह चन्नी ने कैबिनेट मंत्री पद की गोपनीयता की शपथ ली। अरुणा चौधरी और रजिया सुल्ताना ने राज्यमंत्री (स्वतंत्र) के पद की गोपनीयता की शपथ ली।

भाजपा का दामन छोड़कर कांग्रेस का हाथ थामने वाले पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू अमृतसर (ईस्ट) से चुनाव जीतकर आए हैं। सिद्धू ने अमृतसर ईस्ट से बीजेपी के उम्मीदवार राजेश हनी को 42 हजार 661 वोटों से हराया है।

सिद्धू 2004 में राजनीति में आए और छा गए। उन्होंने अमृतसर से पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ा थी और कांग्रेस के आर एल भाटिया को 90 हजार वोटों से मात दी थी। ऐसे दिग्गज को हराया तो स्वभाविक था कि पंजाब की राजनीति में सिद्धू का कद एकाएक ही बड़ा हो गया।

2009 के लोकसभा चुनाव में वह दोबारा जीते। 2014 में बीजेपी ने उनका टिकट तो काटा, लेकिन राज्यसभा के रास्ते सिद्धू को संसद भेजना ही पड़ा। साल 2016 में उन्होंने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया। भाजपा भी छोड़ दी और कांग्रेस में पत्नी समेत शामिल हो गए।
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