जुलाई में कैबिनेट मंत्री के पद से इस्तीफा दे चुके कांग्रेस विधायक नवजोत सिंह सिद्धू पंजाब विधानसभा के रिकॉर्ड में आज भी सूबे के कैबिनेट मंत्री हैं। उनका वेतन-भत्ते आदि उसी हिसाब के तैयार हो रहे हैं। हालांकि सिद्धू मंत्री पद छोड़ने के बाद विधायक के रूप में भी आज तक अपना वेतन लेने ही नहीं आए। नतीजतन विधानसभा द्वारा उनका वेतन भी तैयार नहीं किया गया है।
मंत्री पद छोड़ने के साथ ही नवजोत सिद्धू को ओहदे के हिसाब से मिलने वाला वेतन और भत्ते रोक दिए जाने थे और विधायक के रूप में उनके वेतन की जिम्मेदारी विधानसभा की बनती है। 20 जुलाई, 2019 को मंत्री पद छोड़ने के बाद सिद्धू एक बार भी पंजाब सचिवालय और पंजाब विधानसभा नहीं आए हैं।
दूसरी ओर, विधानसभा के अधिकारियों का कहना है कि नवजोत सिद्धू के मंत्री पद से इस्तीफे के बारे राज्य सरकार की तरफ से उन्हें कोई नोटिफिकेशन नहीं भेजा गया है। जिसके चलते विधानसभा के रिकॉर्ड में सिद्धू आज भी पंजाब के मंत्री हैं। इस बीच, पंजाब सिविल सचिवालय स्थित मंत्रिमंडल शाखा से मिली जानकारी के अनुसार, मंत्री के तौर पर नवजोत सिद्धू को 20 जुलाई, 2019 तक का वेतन जारी किया जा चुका है। अब आगे उनके वेतन का जिम्मा पंजाब विधानसभा का है।
विधानसभा के अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार से सिद्धू के बारे में जैसे ही नोटिफिकेशन की कापी उन्हें मिल जाएगी, विधायक के तौर पर उनके वेतन और सभी भत्तों का बिल तैयार करके सारा पेंडिंग भुगतान भी कर दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख से गले मिलने के बाद विवादों में घिरे नवजोत सिंह सिद्धू और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच मनमुटाव लगातार बढ़ता रहा।
सिद्धू ने इस मामले में कांग्रेस हाईकमान के जरिए सुलह के प्रयास भी किए लेकिन कोई हल नहीं निकला। विवाद उस समय बहुत बड़ा हो गया जब कैप्टन ने अपने मंत्रिमंडल में फेरबदल करते हुए सिद्धू के विभाग भी बदल दिए। सिद्धू ने नए विभाग संभालने की बजाए कैबिनेट मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।