मुख्यमंत्री बुधवार देर शाम को चंडीगढ़ लौटे और यह माना जा रहा था कि गुरुवार को वे सिद्धू के इस्तीफे पर फैसला सुना देंगे। इस बीच, गुरुवार को मुख्यमंत्री ने अपने आवास पर कैबिनेट मंत्रियों को चाय पर भी बुलाया। इस मौके पर सिद्धू के इस्तीफे के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। हालांकि मुख्यमंत्री आवास से इस संबंध में विधिवत सूचना नहीं मिली।
दूसरी ओर, कांग्रेस आलाकमान के सूत्रों से पता चला है कि कुछ नेताओं को कैप्टन और सिद्धू के बीच सुलह कराने का जिम्मा सौंपा गया है। वहीं, गुरुवार को आलाकमान से मिलने के बाद सिद्धू काफी शांत दिखाई दिए और उन्होंने इस पूरे मामले में कोई बात सार्वजनिक नहीं की।
सुलह कराने की जिम्मेदारी संभाल रहे नेताओं में कैप्टन संधू भी शामिल हैं और वे इसी उद्देश्य से नई दिल्ली गए थे। इस तरह, सिद्धू के इस्तीफा पर फैसला पार्टी आलाकमान के निर्देश पर आकर ठहर गया है और आलाकमान इस मामले में अंतिम फैसला लेने से पहले एक अंतिम प्रयास भी कर लेना चाहता है।