नवजोत सिद्धू ने उनकी मुखालफत करने वाले कैबिनेट मंत्रियों का नाम लिए बगैर उन पर वार किए। वे बोले कि सात-आठ बार हो गया है, मेरे ही छह-सात भाई हैं। वे ही एक सी बातें बोलते हैं। मैंने कभी उनके खिलाफ एक शब्द नहीं बोला।
मेरा कोर्ट केस हो या करतारपुर कॉरिडोर, वे ही लोग बोलते रहे हैं। पर इस बार बात ज्यादा आगे चली गई है। मैंने आज तक नहीं सुना कि सरकार में किसी एक बंदे पर उंगली उठी हो। चलो उठी है तो माबदौलत हैं, क्या कर सकते हैं, सुननी पड़ेगी। मैंने मुखालफत पर उफ तक नहीं की, इतना तगड़ा हूं कि बोझ अपने कंधों पर उठा सकता हूं। पर अपने भाइयों के खिलाफ मरते दम तक नहीं बोलूंगा।
विभाग में पंजी तक नहीं थी, न ही कोई विजन
सिद्धू ने कहा कि जब यह विभाग मिला तो यहां पंजी नहीं थी। सिर्फ वेतन दिया जाता था। 25-30 साल से कोई विजन नहीं था। दो साल में समयबद्ध विजन दिया। आज पांच-छह हजार करोड़ के प्रोजेक्ट निकाय विभाग के चल रहे हैं। अमृत से 16 शहरों में फंड इस्तेमाल हो रहे हैं। मेरे पास कोई जादू की छड़ी नहीं है।
पहले साल सीएम ने कहा कि तुम्हें ग्रांट नहीं मिलेगी। आज विकास के लिए हर तरफ से पैसे आ रहे हैं। फायर ब्रिगेड का डायरेक्ट्रेट बनाया। विज्ञापनों में पहले पूरे पंजाब से 18 करोड़ आते थे, अब 34 करोड़ लुधियाना से आ रहे हैं। पहले एक भी एसटीपी नहीं चलता था।