फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरकार का बड़ा कदम, NIA करेगी सभी हिंदू नेताओं की हत्याओं की जांच

Fri, 01 Dec 2017 04:33 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
डायरेक्टर जरनल ऑफ पुलिस सुरेश अरोड़ा
विज्ञापन
पंजाब सरकार ने टारगेट किलिंग के सात मामलों के पीछे की साजिश बेनकाब करने के लिए जांच का काम एनआईए को सौंपने का फैसला किया है। वीरवार को यह जानकारी देते हुए सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि चूंकि हत्या के सभी मामलों का घटनाक्रम एक जैसा है, इसलिए सरकार ने सभी मामले एनआईए को सौंपने का फैसला किया है। यह देखा गया है कि कई अंतरराज्यीय और अंतर राष्ट्रीय तस्कर, आंतकवादी, आपराधिक साजिश के तहत इस सीमावर्ती राज्य में शांति भंग करने के लिए समूह विशेष के नेताओं को निशाना बनाते हैं।
विज्ञापन


एनआईए को केस ट्रांसफर करने का फैसला सोमवार को पंजाब पुलिस के अधिकारियों और एनआईए के निदेशक वाईसी मोदी के नेतृत्व में पहुंची एनआईए की टीम के बीच हुई बातचीत के बाद लिया गया। दोनों टीमों ने माना कि इन मामलों की जांच को आगे बढ़ाने के लिए केंद्रीय एजेंसी ज्यादा समर्थ है। दोनों ने माना कि हत्याओं की साजिश रचने वाले और उसके लिए आर्थिक मदद करने वाले विदेशी धरती- यूके, कनाडा व इटली से इस काम को अंजाम दे रहे हैं। ऐसे में जांच का काम व्यापक स्तर पर किया जाना जरूरी है।

इस सब के बीच मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब पुलिस को निर्देश दिए हैं कि इन मामलों से जुड़ी जानकारी व दस्तावेज एनआईए के सौंप दिए जाएं ताकि वे जांच को आगे बढ़ा सकें। इन मामलों में हाल ही में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए यूके के नागरिक जगतार सिंह जोहल और अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है। एनआईए अब जनवरी 2016 से अक्तूबर 2017 के बीच सूबे में आरएसएस, शिवसेना, डीएसएस के नेताओं की हत्याओं की जांच का जिम्मा संभालेगी।
विज्ञापन


मुख्यमंत्री ने पंजाब पुलिस को यह भी आदेश दिए हैं कि इन मामलों की जांच में एनआईए को पंजाब में शांति भंग करने की रची गई साजिश को बेनकाब करने के लिए हरसंभव सहायता दी जाए। सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य विदेश मंत्रालय, इंटरपोल, यूरोपोल और विदेशी सरकारों के सहयोग से विदेश में बैठे संगठनों और लोगों के विरुद्ध कार्रवाई करना है जो कि विदेशी धरती पर बैठकर पंजाब के खिलाफ षड्यंत्र रच रहे हैं।

यह जरूरी है कि इन तत्वों को नकेल डाली जाए जोकि राज्य में कत्ल और तबाही मचाकर पंजाब में आतंकवाद को फिर से फैलाना चाहते हैं। इस फैसले से सोशल मीडिया व किसी विशेष हितों वाली संस्थाओं और गैर सामाजिक तत्वों द्वारा चलाई जा रही झूठे अभियानों और सरकार को बदनाम करने वाली साजिशों को भी बेनकाब करने में मदद करेगी, जिनका उद्देश्य अपने गैर असामाजिक कार्यों के लिए धन जुटाना और पुलिस और जांच एंजिसयों को काम में रुकावट डालना है।

इन मामलों को सौंपा गया एनआईए को
एनआईए के हवाले किये गए सात केसों में आरएसएस नेता रविंद्र गोसांईं के कत्ल का मामला भी है, जिसमें एनआईए के द्वारा पहले ही जांच की जा रही है। गोसांई की हत्या 17 अक्तूबर को लुधियाना में हई थी। आरएसएस के प्रदेश प्रधान ब्रिगेडियर जगदीश गगनेजा के कत्ल का मामला भी एनआईए को सौंपा जा रहा है, जिसकी जांच सीबीआई द्वारा की जा रही है। गगनेजा की हत्या अगस्त 2017 को जालंधर में की गई थी।

इसके अलावा लुधियाना में किदवई नगर स्थित आरएसएस की शाखा पर फायरिंग और फरवरी  2016 को स्थानीय हिंदू नेता अमित अरोड़ा पर हुई फायरिंग के केस की जांच एनआईए करेगी। अप्रैल 2016 को खन्ना में लेबर सर्विस विंग, शिव सेना के प्रधान दुर्गादास गुप्ता जिला प्रचारक हिंदू तख्त के नेता अमित शर्मा का जनवरी 2017 में लुधियाना में कत्ल , डेरा सच्चा सौदा के श्रद्धालु संत कुमार और उनके पुत्र रमेश कुमार को फरवरी 2017 को खन्ना में कत्ल के मामले के अलावा जुलाई 2017 को लुधियाना में ईसाई पादरी सुल्तान मसीह के कत्ल का मामला।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें