कृषि कानूनों के विरोध में पंजाब में एक अक्तूबर से किसान आंदोलन चल रहा है। पंजाब में विभिन्न टोल प्लाजा पर किसान आंदोलन के कारण नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) को लगभग 150 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है। यह जानकारी वीरवार को अथॉरिटी के एक सीनियर अधिकारी ने दी।
पंजाब में 1 अक्तूबर से किसान संगठन केंद्र द्वारा लागू तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं और उन्होंने राज्य के प्रमुख मार्गों पर स्थित विभिन्न टोल प्लाजा पर धरना दिया हुआ है।
आंदोलनकारी किसानों ने टोल प्लाजा के मुलाजिमों को वाहनों से टोल वसूलने पर रोक दिया है। इन टोल प्लाजा से सभी वाहनों को बिना टोल दिए गुजरने दिया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि पंजाब में एनएचएआई के 25 टोल प्लाजा हैं।
एनएचएआई के चंडीगढ़ में क्षेत्रीय अधिकारी आरपी सिंह ने बताया कि किसान संगठन टोल प्लाजा पर डेढ़ माह से आंदोलन कर रहे हैं, जिससे करीब 150 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। किसानों द्वारा टोल प्लाजाओं पर दिए जा रहे धरने का मामला पंजाब के मुख्य सचिव के सामने भी उठाया है। किसानों के कारण टोल प्लाजा पर हो रहा राजस्व का नुकसान राज्य में आगामी सड़क प्रोजेक्टों को प्रभावित करेगा।
किसानों के आंदोलन के कारण हाल ही में पंजाब के उद्योग मंत्री सुंदर श्याम अरोड़ा ने भी कहा था कि राज्य के उद्योगों को 30 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है, क्योंकि किसान आंदोलन के कारण मालगाड़ियों की आवाजाही बंद है।