हरियाणा में महिलाओं से जुड़े बढ़ते अपराध
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नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो के आंकड़ों में हरियाणा की स्थिति चिंताजनक है। आंकड़ों के तहत महिला से जुड़े आपराधिक मामले बढ़े हैं और कुल आपराधिक केसों की संख्या भी बढ़ी है। इसी को लेकर विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाए है। उल्लेखनीय है कि पिछले साल नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो ने वर्ष 2016 के हरियाणा संबंधी अपराध आंकड़े भी जारी किए हैं।
ये है क्राइम की स्थिति
क्राइम ब्यूरो द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार जहां महिलाओं से आपराधिक मामले वर्ष 2014 में 9010 दर्ज किए गए थे, वहीं वर्ष 2015 में वह बढक़र 9511 और 2016 में 9839 मामले दर्ज हुए हैं। पिछले साल दुराचार संबंधी 1187 घटनाएं घटी।
इसी प्रकार के दलितों के विरुद्ध किए गए अपराधों में जहां वर्ष 2014 में 475 मामले दर्ज हुए, वहीं 2015 में 510 और 2016 में इन केसों की संख्या 639 हो गई। जबकि अंतरजातीय टकराव के कारण राज्य में चार मौतें भी हो चुकी हैं। जबकि इन आंकड़ों के दौरान वर्ष 2014 में 79947 अपराध के मामले दर्ज हुए, वर्ष 2015 में 84466 मामले और वर्ष 2016 में 88527 मामले दर्ज हुए। इसके अतिरिक्त जहां पंजाब में 24.3 प्रतिशत मामलों में आरोपियों को सजा दिलवाई जाती है वहीं हरियाणा में मात्र 13.4 आरोपी ही सजा पाते हैं।