टैगोर थिएटर में चल रहे थिएटर फेस्टिवल के अंतिम दिन नाटक ‘नटी विनोदनी’ का मंचन किया गया। इसे मोहाली के सुचेतक रंगमंच की तरफ से पेश किया गया।
नाटक की शुरुआत एक ऐसी लड़की से होती है जो कि कोलकाता से है और एक वेश्यालय में पली-बढ़ी है। वह फिल्म अभिनेत्री बनना चाहती है। इसके लिए वह कोशिश करती है और एक दिन सफल भी हो जाती है।
इसके बाद वह फिल्मों और रंगमंच की एक जानी-मानी हस्ती बन जाती है। जब सफलता उसके पैर चूमने लगती है तो वह वेश्यालय को छोड़ अपनी जिंदगी अलग से शुरू करना चाहती है।