कमलेश सैनी नारनौल से दो बार विधायक का चुनाव लड़ चुकी हैं, हालांकि दोनों चुनाव में नजदीकी मुकाबलों में दूसरे नंबर पर रही थी। डेढ़ साल पहले नारनौल नगर परिषद का चुनाव निर्दलीय लड़कर उन्होंने हरियाणा में सबसे अधिक वोटों से जीत दर्ज की थी।
लोकसभा चुनाव से पहले विधायक, नगर परिषद चेयरपर्सन व अन्य बड़े नेताओं का पार्टियों को छोड़ने का सिलसिला जारी है। नारनौल नगर परिषद चेयरपर्सन कमलेश सैनी ने जजपा पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा जजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय चौटाला को भेज दिया है। संभावना जताई जा रही है कि कमलेश सैनी आगामी दो-तीन में भाजपा को ज्वाइन कर सकती है।
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कमलेश सैनी के ससुर ट्रांसपोर्टर स्वर्गीय चौधरी भानाराम सैनी ने भी एक बार महेंद्रगढ़ और दूसरी बार 2009 में नारनौल से चुनाव लड़ा था। वे भी करीब ढाई हजार वोटों से हार गए थे। सैनी ने उस समय चुनाव इनेलो से लड़ा था। वहीं उनकी पुत्रवधू कमलेश सैनी ने भी 2014 का चुनाव इनेलो और 2019 का जजपा से लड़ा था।