प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पानीपत की धरती पर बेटियों के सुनहरे भविष्य को लेकर सुकन्या समृद्धि योजना का शुभारंभ किया और पीएम ने प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों की पांच बेटियों को पासबुक सौंपी। इनमें पानीपत व करनाल की दो-दो और चंडीगढ़ की एक बेटी शामिल रही।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंच पर भी पूरे देश में योजना को लागू करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सुकन्या समृद्धि योजना के बाद कोई भी बेटी अपने पिता पर बोझ नहीं समझी जाएगी, बल्कि वे अपने पिता के सुख में सहयोगी होगी।
यह है योजना
सुकन्या समृद्धि योजना के तहत 10 साल से कम उम्र की
बेटी के खाते खोले जा सकेंगे। इसमें कम से कम एक हजार रुपये जमा कराए जा
सकते हैं। कोई पिता चाहे तो बेटी के इस खाते में दस हजार से डेढ़ लाख रुपये
तक डाल सकते हैं।
सरकार की तरफ से इन खाताधारकों को दूसरे खातों से
ज्यादा ब्याज दिया जाएगा। इसके अलावा उस लड़की के पिता पर इस राशि पर इनकम
टैक्स भी नहीं लगेगा। बेटी के 20 साल पूरी होने के बाद बैंक से यह राशि
निकाली जा सकेगी।
पीएम ने इनको सौंपी पासबुक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम में प्रदेश के अलग-अलग जिलों की पांच बेटियों को सुकन्या समृद्धि योजना के तहत पासबुक सौंपी।
इनमें पानीपत के नारायण सिंह पार्क निवासी धीरज बरेजा की बेटी काशवी बरेजा को खाता खोला। काशवी का खाता उनके पिता धीरज बरेजा ने खुलवाया है। करनाल के सेक्टर-14 अर्बन इस्टेट निवासी अनिल कुमार की बेटी पावनी को पासबुक सौंपी।
पावनी का खाता उनकी मां ममता ने खुलवाया है। तीसरी पासबुक सेक्टर-14 अर्बन इस्टेट निवासी अरुण गोयल की बेटी आरशिया को दी गई है। आरशिया का खाता उनकी मां ज्योति गोयल ने खुलवाया है। चौथी पासबुक चंडीगढ़ सेक्टर-21 निवासी वाईपी कुमार की पुत्री अमूल्या येरान को दी गई। उनका खाता उनकी मां अमनीत पी. कुमार ने खुलवाया है। पांचवीं पासबुक पानीपत के इसराना निवासी नरेंद्र कुमार की बेटी पलक को दी गई। पलक का खाता उनके पिता नरेंद्र कुमार ने खुलवाया है।