चंडीगढ़। चंडीगढ़ वॉर मेमोरियल के इतिहास में करीब दो दशक बाद बड़ा बदलाव हुआ है। वर्ष 2006 में उद्घाटन के बाद पहली बार 240 और शहीदों के नाम स्मारक में शामिल किए गए हैं। देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले इन वीर जवानों के नाम अब काली ग्रेनाइट की दीवारों पर हमेशा के लिए दर्ज हो गए हैं।
जिला सैनिक बोर्ड के अध्यक्ष निशांत कुमार यादव के निर्देश पर जिला सैनिक कल्याण कार्यालय ने सेना के मुख्यालयों और देशभर के रेजिमेंटल रिकॉर्ड कार्यालयों से संपर्क कर शहीदों की नई सूची तैयार की। इसके बाद चंडीगढ़ के इंजीनियरिंग विभाग ने युद्ध स्तर पर काम करते हुए नामों को स्मारक की दीवारों पर उकेरने का काम पूरा किया।
डॉ. कलाम ने 2006 में किया था उद्घाटन
वॉर मेमोरियल का उद्घाटन 17 अगस्त 2006 को पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने किया था। तब से यहां पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ के 8,500 से अधिक शहीदों के नाम दर्ज थे। अब 240 नए नाम जुड़ने के साथ इन वीर जवानों की शहादत भी स्मारक का हिस्सा बन गई है।
आतंकियों से लोहा लेने वाले जांबाज भी शामिल
नई सूची में सूबेदार संजीव कुमार (कीर्ति चक्र-मरणोपरांत), नायब सूबेदार राजेश कुमार (कीर्ति चक्र), शौर्य चक्र विजेता सिपाही सतनाम सिंह, हवलदार विपन ठाकुर, गार्ड्समैन सुनील कुमार और नायक राजेश कुमार समेत कई वीर जवानों के नाम शामिल हैं। इनमें कई जांबाज आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए थे।