बलिदानी नायब सूबेदार रमेश लाल के पार्थिव शरीर को देख रो पड़ी पत्नी और दोनों बच्चे।
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लेह-लद्दाख में ड्यूटी के दौरान हादसे में बलिदान देने वाले नायब सूबेदार रमेश लाल का सोमवार को उनके पैतृक गांव सिरसड़ी में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस मौके पर हजारों की तादाद में पहुंचे आम लोगों समेत राजनीतिक नेताओं व प्रशासनिक अधिकारियों ने नम आंखों से बलिदानी को अंतिम विदाई दी। नायब सूबेदार रमेश लाल के परिवार समेत पूरे गांव के लोगों को उनके बलिदान पर गर्व है।
फरीदकोट के गांव सिरसड़ी निवासी रमेश लाल पिछले 25 साल से सेना में कार्यरत थे। इन दिनों नायब सूबेदार के पद पर तैनात रमेश लाल ड्यूटी के दौरान दो दिन पहले लद्दाख में सड़क हादसे में अपनी जान गंवाई थी। उनका अंतिम संस्कार सोमवार को पैतृक गांव में किया गया। दोपहर बाद जब सेना के अधिकारी उनका पार्थिव शरीर गांव लेकर पहुंचे तो ग्रामीणों ने अंतिम यात्रा पर फूलों की वर्षा की और बलिदानी को नमन किया। सेना की टुकड़ी ने उन्हें सलामी दी और इसके बाद राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
उनके बड़े भाई कृष्ण लाल व बेटे निखिल ने मुखाग्नि दी। ग्रामीणों ने केंद्र व राज्य सरकार से परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने समेत गांव में उनकी यादगार बनाने की मांग रखी। डिप्टी कमिश्नर विनीत कुमार, फरीदकोट के सांसद मोहम्मद सदीक, कांग्रेस जिलाध्यक्ष नवदीप सिंह बराड़, सीनियर कांग्रेस नेता अजयपाल संधू, विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां के छोटे भाई एडवोकेट बीरइंद्र संधवां, एसडीएम कोटकपूरा वीरपाल कौर, नायब तहसीलदार गुरचरण सिंह और डीएसपी शमशेर सिंह शेरगिल भी अंतिम यात्रा में पहुंचे।