चंडीगढ़ में अब मोहाली की सफाई व्यवस्था का सिस्टम लागू होगा। शुक्रवार को सदन की बैठक में मोहाली का मॉडल लागू करने का निर्णय लिया गया। इस पूरे सिस्टम का डिजिटाइजेशन होगा। शहरी विकास मंत्रालय ने भी इस मॉडल को मंजूर किया है।
ज्वाइंट कमिश्नर राजीव गुप्ता ने सदन में बताया कि इसके तहत एक सेंट्रल कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। सुबह सफाई से पहले की फोटो सेनिटेशन इंस्पेक्टर भेजेगा। सफाई के बाद फिर से फोटो भेजी जाएगी। सदन की बैठक में निर्णय लिया गया है कि वी-6 रोड पर मैनुअल सिस्टम ही लागू होगा। जबकि प्रमुख सड़कों पर नया सिस्टम लगेगा। मेयर अरुण सूद ने कहा कि कई बार आरोप लगते हैं कि सफाई कर्मचारी अधिकारियों के घरों में काम करते हैं। नए सिस्टम से वह दिक्कत भी दूर हो जाएगी। उन्होंने बताया कि इससे कर्मचारी भी कम लगेंगे, जबकि जो पहले से सफाई कर्मचारी हैं, उन्हें निकाला नहीं जाएगा। नए सिस्टम के तहत रोड बर्म को टर्शरी वाटर के साथ धोया भी जाएगा।
ठेका कर्मी दो माह के लिए एक्सटेंड
सदन की बैठक में ठेके पर रखे जाने वाले एक हजार सफाई कर्मचारियों को एक्सटेंशन देने का एजेंडा आया। लेकिन कुछ पार्षदों ने इसका विरोध किया कि बार बार एक्सटेंशन देने का प्रस्ताव क्यों आ रहा है। इसका टेंडर क्यों नहीं निकाला जा रहा। इस पर ज्वाइंट कमिश्नर ने कहा कि अब नए डीसी रेट लागू हो गए हैं। इसलिए उन्हें शामिल करके नया एजेंडा तैयार करना है। इसके बाद दो माह के लिए एक्सटेंशन का प्रस्ताव पास हुआ। यह एक हजार कर्मचारी शहर में लगे हैं।
नगर निगम में तगड़ा गोरखधंधा : सुरेंद्र
सदन में मनोनीत पार्षद सुरेंद्र बहगा ने इस प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए कहा कि सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार आउटसोर्स कर्मचारियों के ठेके पर ही है। कई ठेके तो सात सात बार एक्सटेंशन के लिए आए हैं। नगर निगम में यह तगड़ा गोरखधंधा चल रहा है। जबकि सदन में बसपा पार्षद जन्नत जहां ने अपने हल्लोमाजरा के वार्ड में 40 की जगह 30 सफाई कर्मचारी लगाने का विरोध जाहिर किया।